कोरोना महामारी के दौर में अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कारोबारी सुगमता की वकालत की है। उन्होंने रविवार को कहा, भारत को कारोबार के लिए आसान और सरल जगह बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते हुए बहुत से अनावश्यक नियमों और विनियमों को दूर करना होगा। इससे दुनिया के सबसे अच्छे विनिर्माता भारत में कारोबार करने के लिए प्रेरित होंगे। यह विकास के अत्याधुनिक क्षेत्रों में प्रवेश करने का भी अवसर है।
नीति आयोग के सीईओ ने एक समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में कहा, विभिन्न क्षेत्रों में हमें दुनिया में छलांग लगाने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने महामारी के बाद कारोबार को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित सुधार के सवाल पर कहा, यह बिल्कुल स्पष्ट है कि महामारी के बाद काम पुराने ढर्रे पर नहीं चलेगा। कोविड के बाद हमें सुधार के हर संभव बड़े कदम उठाने होंगे। सरकार ने बुनियादी ढांचे पर बहुत ध्यान दिया है।
उन्होंने कहा, उपभोक्ता मांग को आगे बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि, अर्थव्यवस्था में खुलापन होता है तो बाजार में तरलता आती है। उन्होंने कहा, कोरोना ने बदलाव को बढ़ावा दिया है। वैश्विक मांग-आपूर्ति बदल गई है। अब विनिर्माण के लिए चीन प्लस वन की रणनीति होगी। भारत में बड़ी मात्रा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया है, जो दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विनिर्माताओं को हमारे यहां आने के लिए प्रेरित करेगा। हमें निर्यात बाजारों पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करनी चाहिए।
आकांक्षी जिला कार्यक्रम से 21 फीसदी आबादी के जीवन में बदलाव
अमिताभ कांत ने कहा, 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए आकांक्षी जिला कार्यक्रम ने देश की करीब 21 फीसदी आबादी के जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया है।
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की रिपोर्ट में इस कार्यक्रम को लेकर भारत की तारीफ पर अमिताभ कांत ने कहा, अपने नागरिकों के जीवन में काफी हद तक गुणात्मक बदलाव लाने के लिए भारत ने एक लंबा सफर तय किया है। इस कार्यक्रम ने कुछ जिलों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और कुछ जिलों में हमें और काम करने की जरूरत है। मैं बहुत संतुष्ट हूं कि इस कार्यक्रम के लिए पीएम ने जो कल्पना की थी, हमने उसे हासिल किया।
तेजी से हो टीकाकरण
अर्थव्यवस्था के लिए हमें तेजी से टीकाकरण की जरूरत है। सरकार ने आनेवाले महीनों में बड़ी मात्रा में टीका बनाने का आदेश दिया है। मैं सरकार के दृष्टिकोण से सहमत हूं कि दिसंबर तक हमें पूरी आबादी का टीकाकरण कर लेना चाहिए।