दुनियाभर के बाजारों में उथल-पुथल के संकेत दिखाई देने के बीच म्यूचुअल फंड निवेशक निवेश करने के लिए सुरक्षित साधनों की तलाश रहे हैं। एसेट अलोकेशन और स्थिरता को देखते हुए फंड हाउस हाइब्रिड फंडों की ओर रुख कर रहे हैं। हाइब्रिड फंडों का एसेट अंडर मैनेजमेंट यानी निवेशकों के निवेश का मूल्य (एयूएम) इस साल अगस्त में बढ़कर 8.61 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। हाइब्रिड फंड में अभूतपूर्व वृद्धि इन फंडों के नेचर से प्रेरित है।
दो या ज्यादा परिसंपत्तियों में निवेश
हाइब्रिड फंड दो या दो से अधिक एसेट क्लास में निवेश करते हैं। इनमें आमतौर पर मुख्य रूप से इक्विटी और डेट के अलावा सोना और चांदी जैसी कमोडिटीज भी शामिल होती हैं। ये फंड जोखिम व रिटर्न को संतुलित करने के लिए विविधीकरण व एसेट अलोकेशन का ऑफर करते हैं।
- हाइब्रिड म्यूचुअल फंड अनिवार्य रूप से एक ही उत्पाद में कई एसेट क्लास में से सर्वश्रेष्ठ की पेशकश करने का प्रयास करते हैं। जब बाजार ऊंचाई पर होते हैं, तो फंड में इक्विटी अच्छा रिटर्न देता है।
- डेट स्थिरता प्रदान करता है। ये फंड इक्विटी के माध्यम से लंबे समय में बेहतर रिटर्न और डेट के माध्यम से अल्पकालिक स्थिरता और नियमित आय प्राप्त करने में मदद करते हैं।
विविधीकरण के साथ कम अस्थिरता का लाभ
हाइब्रिड फंड कई लाभ प्रदान करते हैं। इनमें पूंजी में वृद्धि भी शामिल है क्योंकि इक्विटी से धन बढ़ता है। फंड के डेट हिस्से के कारण निवेशकों को कम अस्थिरता से भी लाभ होता है।
- हाइब्रिड फंड विविधीकरण की सुविधा देते हैं। यह एक महत्वपूर्ण लाभ है क्योंकि ये फंड न केवल विभिन्न एसेट क्लास में बल्कि लार्जकैप, मिडकैप व स्मॉलकैप शेयरों में भी विविधता लाते हैं।
- हाइब्रिड फंड सक्रिय पुनर्संतुलन की भी पेशकश करते हैं। प्रत्येक फंड हाउस हाइब्रिड फंडों का मिश्रण प्रदान करता है।
एक साल में 35 फीसदी तक का मिला रिटर्न
इस समूह में अग्रणी निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड के कुछ फंडों ने अपने निवेशकों को पिछले एक साल में आकर्षक रिटर्न दिया है। इस अवधि में इसके मल्टी एसेट फंड ने 35.82 फीसदी और बैलेंस्ड एडवांटेज फंड ने 25.75 फीसदी का रिटर्न दिया है।
- आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, एसबीआई, कोटक म्यूचुअल फंड व आदित्य बिरला जैसे फंड हाउस भी कई हाइब्रिड फंड पेश करते हैं।
हाइब्रिड फंड एक ही फंड के जरिये कई संपत्तियों में निवेश की सुविधा देकर अनूठा लाभ प्रदान करते हैं। इससे अलग-अलग साधनों में निवेश की जरूरत समाप्त हो जाती है। -राहुल शाह, निवेश सलाहकार
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