अमेरिकी ऑनलाइन कंपनी अमेजन अब फल व सब्जी की भी डिलीवरी करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कंपनी ने सरकार के पास आवेदन किया है ताकि वो इस तरह के बिजनेस में अलग से कंपनी खोल सके और इसके लिए उसे मंजूरी दी जाए।
अगर सरकार अमेजन के आवेदन को स्वीकार कर लेती है तो यह पहली बार होगा कि कोई विदेशी कंपनी ऑनलाइन फल-सब्जी बेच सकेगी। अभी केवल भारतीय कंपनियों को ही इसकी मंजूरी मिली हुई है।
50 करोड़ डॉलर का करेगी निवेश
डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन (डीआईपीपी) को भेजे गए अपने आवेदन में अमेजन ने कहा है कि वो भारत में एक अलग कंपनी के जरिए इस कारोबार में उतरना चाहती है।
अमेजन इसके लिए अगले 5 सालों में 50 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद कंपनी 6 महीने में इस तरह का कारोबार शुरू कर देगी।
अभी दो कंपनियां कर रही फल-सब्जी का ऑनलाइन कारोबार
देश में अभी घरों तक ऑनलाइन बुक करने के बाद, फल-सब्जी डिलीवरी करने का काम ग्रोफर्स और बिग बास्केट कर रही हैं। यह दोनों कंपनियां केवल चुने हुए शहरों में फल-सब्जी पहुंचाने का काम कर रही हैं। अमेजन इसको पूरे देश में शुरू करेगी।
सरकार ने फूड बिजनेस में 100 फीसदी एफडीआई की मंजूरी देने के बाद पहली बार अमेजन ने इसके लिए अप्लाई किया है।
अमेजन चला रही है दो तरह के ऑनलाइन स्टोर
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अमेजन देश में अभी दो तरह की कंपनियों के जरिए यह बिजनेस प्रायोगिक तौर पर शुरू कर चुकी है। देश के 14 शहरों में इस तरह का बिजनेस चला रही है। लेकिन इसमें 15 किलो का सामान होना जरूरी है। अमेजन पेंट्री नाम के इस बिजनेस में कंपनी प्रत्येक बॉक्स के लिए 20 रुपये अलग से चार्ज करती है। इस सर्विस में ग्राहकों को 24 घंटे में डिलेवरी करती है।
अमजेन किराना को कंपनी ने बेंगलुरू में पिछले साल मार्च में लांच किया था। इसमें ग्राहकों को ऑडर्र करने के बाद 2-4 घंटे में डिलेवर किया जाता है।
सरकार ने इन कंपनियों से भी मांगे हैं आवेदन
खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने पिछले साल लंदन का दौरा किया था ताकि विदेशी कंपनियां ज्यादा से ज्यादा आकर के भारत में इस कारोबार के लिए निवेश करें।
सरकार ने विदेशी कंपनियों जैसे कि वॉलमार्ट, नेस्ले, हेंज, टेस्को, सैनबरी, हेरोड्स, मार्क्स एंड स्पेंसर जैसी कंपनियों से भी ऑनलाइन ग्रोसरी स्टोर शुरू करने के लिए आवेदन मांगे हैं। अमेजन फिलहाल फ्लिपकार्ट और स्नैपडील के साथ देश में ऑनलाइन रिटेल कारोबार में प्रतिस्पर्धा करती है।