ब्रिटानिया के सीईओ रजनीत कोहली सोमवार को अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने अमर उजाला परिवार को 75 साल पूरे होने पर शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि मैं संवाद में आकर बहुत खुश हूं। उत्तराखंड में उद्योगों के विकास पर बोलते हुए ब्रिटानिया सीईओ ने कहा कि अगले 25 साल के लिए विटामिन थ्रीडी जरूरी है। यह 3D है- डेटा, डिजिटलाइजेशन और डेवलपमेंट।
उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश के विकास के लिए थ्रीडी में निवेश जरूरी है। हमें विटामिन 3D- डाटा, डिजिटाइजेशन और डेवलपमेंट पर फोकस करना होगा। हमें इन 3D पर कॉरपोरेट ही नहीं नीतिगत स्तरों पर भी ध्यान देने की जरूरत है। ब्रिटानिया के सीईओ ने कहा कि पॉलिसी निर्माण के लेवल पर शानदार काम हो रहा है। हमारी पॉलिसीज प्रोग्रेसिव हैं। आने वाले समय में 25 से ज्यादा क्षेत्रों में भारत लीड करेगा। कोहली ने कहा कि हमारी आबादी युवा है, हमारे यहां हर कोई आगे बढ़ने की बात कर रहा है। ऐसे में हम निश्चितरूप से अमृतकाल की ओर बढ़ रहे हैं।
उत्तराखंड में ब्रिटानिया के सफर के बारे में बोलते हुए कंपनी के सीईओ ने कहा कि देहरादून मेरे लिए ससुराल है। यह सिटी ऑफ बेकरी है। यहां के सनराइज और एलोरा के बिस्किट बाहर के लोग अब भी तलाशते हैं। उत्तराखंड में हमने 2005 में प्लांट लगाया था। 2000 लोग यहां काम करते हैं। हम लोग स्थानीय उद्योगों से प्रेरणा लेते हैं। उत्तराखंड में 78000 मीट्रिक टन बिस्किट का उत्पादन होता है। यहां तैयार होने वाले बिस्किट यूएस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड आदि देशों में भी निर्यात होते हैं। ब्रिटानिया मेड इन इंडिया कंपनी है। हमारा लक्ष्य ग्लोबल फूड कंपनी बनना है। उत्तराखंड का प्लांन्ट टॉप 5 प्लांट्स में आता है।
ब्रिटानिया सीईओ ने अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि हमारे कार्यबल में 40% महिलाएं हैं। अगले साल तक 50% महिलाएं हमारे यहां काम करेंगी। हमारे फाउंडेशन की ओर से आयरन युक्त बिस्किट स्कूलों-आंगनबाड़ी में दिया जाता है। देवभूमि में हमारे 500 से अधिक डिस्ट्रीब्यूटर हैं। तीन में एक बच्चे में आयरन की कमी है। इसे देखते हुए ब्रिटानिया फाउंडेशन बच्चों और महिलाओं को पौष्टिक फूड उपलब्ध कराता है। आयरनयुक्त बिस्कुट का बच्चों में मुफ्त वितरण किया जाता है। इससे स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ जाती है।