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शक्ति की समृद्धि: महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर दिया जोर, केंद्रीय मंत्री बोलीं- वित्तीय साक्षरता भी जरूरी

Sat, 08 Mar 2025 10:04 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर अमर उजाला 'द बोनस' की ओर से लखनऊ के होटल क्लार्क अवध में शक्ति की समृद्धि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर दिया गया। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने अमर उजाला द बोनस के नारी आर्थिक शिक्षा अभियान (नासा) का शुभारंभ किया।
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सम्मान पाने वाली महिलाओं के साथ केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर अमर उजाला 'द बोनस' की ओर से लखनऊ के होटल क्लार्क अवध में शक्ति की समृद्धि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश की महिला कल्याण मंत्री बेबीरानी मौर्या और उच्च शिक्षा मंत्री रजनी तिवारी ने किया। उन्होंने अमर उजाला की द बोनस पत्रिका का विमोचन भी किया। वहीं कार्यक्रम के अलग-अलग सत्र में वित्तीय और आर्थिक क्षेत्र की विशेषज्ञों ने महिलाओं को सशक्त, सक्षम और समृद्ध बनने के गुर सिखाए। समापन सत्र में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने अमर उजाला द बोनस के नारी आर्थिक शिक्षा अभियान (नासा) का शुभारंभ किया। साथ ही महिला अधिकारों, सुरक्षा और वित्तीय सशक्तता के लिए काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। केंद्रीय मंत्री ने भी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की पहल को सराहा।
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महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्या। - फोटो : अमर उजाला
अब वीमेंस डे नहीं वीमेंस पर्व मनाने की जरूरत: बेबी रानी मौर्या
शक्ति की समृद्धि कार्यक्रम का शुभारंभ महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्या ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला की द बोनस पत्रिका ज्ञानवर्धक है। मेरे बाबा ने मुझसे कहा था कि मोटा खाओ, मोटा पहनो, वक्त के लिए बचाकर रखो। यह पत्रिका भी कुछ ऐसा ही सिखा रही है। महिलाओं को समृद्ध और सशक्त बनाने की यह अच्छी पहल है। पैसे का निवेश करना आज जरूरी है। घर में बचत को लेकर बात करना जरूरी है। हम छोटी-छोटी बचत से परिवार को समृद्ध बना सकते हैं। महिलाओं में बचत की खास आदत होती है। अगर वो इसके साथ ही निवेश की भी आदत डाल लें तो उन्हें और लाभ होगा। जीवन में कठिन परिस्थितियों के लिए बचत जरूरी है। पीएम मोदी ने बजट में महिला सशक्तीकरण पर फोकस किया है। वह महिलाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं। जब महिलाएं बचत करेंगी तभी वह अपने बच्चों के करियर को सही शेप दे सकती हैं। जब महिला आत्मनिर्भर होती है तो उसमें बहुत विश्वास आता है। जब मेरी पहली बार नौकरी मिली तो मेरे अंदर बहुत विश्वास आया। हमें पहले आत्मनिर्भर होना है। फिर उससे आमदनी होने लगे तो उस पैसों को डबल करने के लिए फाइनेंस की प्लानिंग करें। यह देश सशक्त तभी होगा जब इसकी नारी सशक्त होगी। आज महिला दिवस नहीं पर्व मनाने का दिन है।

उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी - फोटो : अमर उजाला

देश की महिलाएं आगे बढ़ रहीं : रजनी तिवारी
उच्च शिक्षा मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि अमर उजाला ने हमेशा की तरह महत्वपूर्ण मुद्दे पर कार्यक्रम आयोजित किया है। गांव तभी मजबूत होंगे, जब महिलाएं सशक्त होंगीं। सरकार महिलाओं के लिए कई योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं से महिलाओं में हौसला बढ़ रहा है। बेहतर कानून व्यवस्था से महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। देश को आगे बढ़ाने में महिलाओं का बहुत योगदान है। महिलाओं को वित्तीय सशक्त बनाने का मुद्दा बहुत अच्छा है। आज देश की वित्तमंत्री भी महिला ही हैं। देश की राष्ट्रपति और राज्यपाल भी महिला हैं। सभी अपना कार्य मजबूती से कर रही हैं। यही सशक्त नारी और बदलता भारत है। हमारे देश में नारी सदैव ताकतवर रही है। हमारा इतिहास वीर नारियों से भरा रहा है। जब नारी बचत और निवेश के बारे में सोच लेगी तो यह काम महिलाएं बहुत आसानी से कर लेंगी। बस एक बार उनको सोचने की देर है। गांव से लेकर शहर तक में महिलाएं मजबूत हो रही हैं। उनके पास अब पैसा आ रहा है जाहिर है कि अब उनको निवेश करने की जरूरत भी है। आज हम सब यही संकल्प लेंगे कि हमें इसे कैसे निवेश करना है। कैसे पैसे का मैनेजमेंट करना है। 

द बोनस पत्रिका का विमोचन करतीं मंत्री बेबी रानी मौर्या और रजनी तिवारी। - फोटो : अमर उजाला

द बोनस पत्रिका का विमोचन
महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्या और उच्च शिक्षा मंत्री रजनी तिवारी ने अमर उजाला की द बोनस पत्रिका का विमोचन किया। इसके बाद अलग-अलग सत्र में वित्तीय और आर्थिक क्षेत्र की विशेषज्ञ, महिलाओं को सशक्त, सक्षम और समृद्ध बनाने के गुर सिखाए। 

केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल - फोटो : अमर उजाला

वित्तीय स्वतंत्रता के साथ वित्तीय साक्षरता भी जरूरी: अनुप्रिया पटेल
कार्यक्रम के समापन सत्र में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि नारी आर्थिक साक्षरता अभियान की विशेष पहल की गई है। महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण अहम है। इसका प्रभाव देश की प्रगति पर पड़ता है। देश में आज आधी संख्या महिलाओं की है। केंद्र सरकार महिलाओं को संपत्ति मानती है। हम महिला नेतृत्वकारी सोच से काम कर रहे हैं। महिलाएं देश के विकास का नेतृत्व कर सकती हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वालंबन को प्रबल करने के लिए सरकार ने कई काम किए हैं। केंद्र सरकार ने देश की आधी आबादी को महिला आरक्षण विधेयक के जरिये भागीदारी दी। हमने उन महिलाओं की चिंता भी की, जो बुनियादी सुविधा से जूझ रही हैं। हम उनको सारी सुविधाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप योजना में 10 फीसदी धनराशि महिलाओं के लिए आरक्षित है। देश में 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। ड्रोन दीदी के जरिये हम महिलाओं को तकनीक से जोड़ रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि सरकार कामकाजी महिलाओं के लिए वर्किंग वीमेन हॉस्टल बना रही है। फरवरी में बजट से पहले हुए आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया कि पिछले सात साल में महिला श्रम भागीदारी दर में इजाफा हुआ है। यह पहले 23 फीसदी था, अब यह 41 फीसदी हो गया है। सरकार के प्रयासों से ही यह संभव हुआ है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होती हैं तो उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर इसका प्रभाव पड़ता है। उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। जब वित्तीय स्वतंत्रता की बात होती है तो वित्तीय साक्षरता भी जरूरी होती है। 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमने देश की बड़ी आबादी को स्वास्थ्य बीमा का कवर दिया। बजट में हमने गिग वर्कर्स को स्वास्थ्य बीमा दिया। आयुष्मान भारत योजना के तहत 50 फीसदी गोल्डन कार्ड महिलाओं के बने थे। सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए काम कर रही है। जब महिलाएं वित्तीय साक्षर होती हैं तो उनमें वित्त प्रबंधन और कौशल आता है। इसे बढ़ाने की जरूरत है। सब मिलकर काम करेंगे तो महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता और साक्षरता को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि वित्तीय साक्षरता एक दिन में विकसित नहीं हो सकती है। यह लगातार जारी रहनी चाहिए। यह पहल चलती रहे। महिलाओं को सम्मानित करने मौका मिला, बेहद अच्छा लगा। 
 

कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला

नारी आर्थिक शिक्षा अभियान का शुभारंभ, महिलाओं का किया सम्मान
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने अमर उजाला के नारी आर्थिक शिक्षा अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने महिला अधिकारों, सुरक्षा और वित्तीय सशक्तता के लिए काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। महिला सशक्तीकरण अवार्ड महाराष्ट्र के मान देसी बैंक को दिया गया। वहीं उद्योग क्षेत्र में नारी नेतृत्व के लिए अधीजा श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया। इसके अलावा महिला अधिकारों के लिए काम करने पर रेणुका टंडन को सोशल इंपैक्ट लीडरशिप अवार्ड प्रदान किया गया। वरिष्ठ अर्थशास्त्री रितु सिंह को केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने इकोनोमिक लीडरशिप अवार्ड प्रदान दिया। इसके अलावा सारा फातिमा को फैशन और कल्चर रिवाइवल अवार्ड दिया गया। वहीं विद्युत सखी राजश्री को प्रोफेशनल एक्सीलेंस अवार्ड प्रदान किया गया। वीमेन फाइनेंस एक्सीलेंस अवार्ड अनामिका माटे को प्रदान किया गया।

वक्ताओं के साथ केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल - फोटो : अमर उजाला
महिलाओं को सिखाए निवेश के तरीके
कार्यक्रम में अलग-अलग सत्रों में वित्तीय और आर्थिक क्षेत्र की विशेषज्ञों ने महिलाओं को सशक्त, सक्षम और समृद्ध बनाने के गुर सिखाए। पहले सत्र में  निप्पॉन लाइफ इंडिया असेट मैनेजमेंट की सेगमेंट हेड अनामिका माटे ने बूंद-बूंद सी सिप विषय पर बात की। उन्होंने कहा कि आज म्युचुअल फंड में चार नए निवेशकों में से एक महिला है। स्टॉक मार्केट में महिलाओं द्वारा निवेश सत्र में समझदारी से कमाई विषय पर बोनान्जा पोर्टफोलियाे की धारा शाह ने विचार व्यक्त किए। साइबर सुरक्षा सत्र में गठरी में लागा चोर विषय पर बोलते हुए कामाक्षी शर्मा ने कहा कि भारत में रोज 180 करोड़ रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी होती है। महिलाओं के लिए इंश्योरेंस सत्र में प्रबलीन बाजपेई ने कहा कि महिलाओं के पास इंश्योरेंस कवर होना चाहिए। आने वाला कल विषय पर बोलते हुए सुनंदा वेकंटरमन ने कहा कि खर्च को निवेश के हिसाब से प्रबंधित करें। मेरी बचत मेरी जरूरत सत्र में शिल्पी चंदेल ने कहा कि महिलाएं बचत तो करती हैं, लेकिन निवेश नहीं करती। निवेश करने के कई विकल्प हैं। मेरा पैसा मेरी दुनिया सत्र में निशा सांघवी ने कहा कि पैसा निवेश करना जरूरी है। लेकिन वित्तीय रूप से भी फिट रहना भी जरूरी है।
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पैनल चर्चा में शामिल अतिथि। - फोटो : अमर उजाला

महिलाएं एक-दूसरे को बढ़ाएं: नेहा जैन
कार्यक्रम में पैनल चर्चा का भी आयोजन किया गया। पैनल चर्चा में आईएएस नेहा जैन ने कहा कि हर महिला को अपने लिए एक करियर क्षेत्र चुनना चाहिए और उसमें बेहतर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाएं एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा बहुत करती हैं। लेकिन हमें एक-दूसरे को बढ़ाना चाहिए। हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की पूर्व सदस्य रचना गुप्ता ने कहा कि लोक सेवा आयोग के 50 साल के इतिहास में मैं दूसरी महिला सदस्य थी। जिन संस्थानों में मैंने काम किया वहां महिलाओं का पूरा सम्मान होता था। उद्यमी आनंदी अग्रवाल ने कहा कि निर्माण क्षेत्र पुरुष प्रधान रहा है। यहां महिलाओं की भागीदारी काफी कम है। प्रदेश में 90 लाख एमएसएमई हैं। इसमें केवल 20 फीसदी महिलाएं हैं। हमारी फैक्टरी में आने वाली महिलाएं मजूबरी में आती हैं। वह स्वेच्छा से नहीं आती हैं। उनके काम करने की पीछे कुछ मजबूरी होती है। उद्यमी स्निग्धा अग्रवाल ने कहा कि घर पर होने वाली वित्तीय चर्चाओं में महिलाओं को शामिल किया जाना चाहिए। एमएसएमई को बेहतर बनाने के लिए कई प्रयास किए जाने चाहिए।

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