देश में कोरोना वायरस का संक्रमण और मौतों का सिलसिला जारी है। रोजाना तीन लाख से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। देश में दवाइयां, इंजेक्शन, ऑक्सीजन, ऑक्सीमीटर और वेंटिलेटर की कमी है। इस बीच लोगों की जरूरत का फायदा उठाने के लिए ठगी करने वाले सक्रिय हो गए हैं। जालसाजों ने लोगों को लूटने का तरीका ढूंढ लिया है। इस समय लोग कैश के बजाय डिजिटल ट्रांजेक्शन पर जोर दे रहे हैं। यह सुविधाजनक और सुरक्षित तो है, लेकिन हमारी जरा सी लापरवाही ठगों को उसका लाभ उठाने का अवसर दे देती है और अपराधी लोगों से फ्रॉड कर रहे हैं। यही वजह है साइबर ठगी के मामले बीते कई सालों की तुलना में इस साल कई गुना बढ़ गए हैं।
कोरोना काल में जैसे-जैसे हालात बदलते रहे, साइबर जालसाजों का ट्रेंड भी बदलता रहा। लॉकडाउन में जहां यात्रा पास के आवेदन के नाम पर ठगे गए, वहीं लॉकडाउन में ही जरूरत के सामान की डिलीवरी के नाम पर लोगों को शिकार बनाया। अब जालसाजों ने कोरोना वैक्सीन के नाम पर ठगना शुरू कर दिया है। यही वजह है साइबर ठगी के मामले बीते कई सालों की तुलना में इस साल कई गुना बढ़ गए हैं। कई जगहों से इंजेक्शन, ऑक्सीजन सिलिंडर की कालाबाजारी की सूचना भी मिल रही है।
इस तरह हो रही ठगी
इसके अलावा अस्पतालों में बेड उपलब्ध कराने से लेकर प्लाज्मा डोनेट करने तक और दवा उपलब्ध कराने के नाम पर भी ठगा जा रहा है। जालसाज जरूरतमंदों को संपर्क कर उन्हें बताते हैं कि उनके पास सभी दवाएं उपलब्ध हैं, लिकन उनको एडवांस पेमेंट करनी होगी। फिस वे अपने अकाउंड में पैसे जमा करवाकर उन्हें दवाएं भी नहीं देते हैं और अपना मोबाइल नंबर बंद कर देते हैं। उसके बाद वे नया नंबर लेकर नए शिकार की तलाश में लग जाते हैं।
इन दिनों सोशल मीडिया पर कई लोग पोस्ट कर रहे हैं कि उन्हें ऑक्सीजन सिलिंडर, अस्पताल में बेड, आदि की जरूरत है। वे पोस्ट में अपना मोबाइल नंबर भी डाल रहे हैं। जालसाज इसी का फायदा उठाकर उन्हें लूट रहे हैं। वे इन नंबरों पर कॉल कर कहते हैं कि उनके पास सिर्फ कुछ ही इंजेक्शन या ऑक्सीजन सिलिंडर बचे हैं इसलिए आप जल्द से जल्द उनके खाते में पैसे जमा कराएं, ताकि आपको वह दवाई मिल सके और लोग उनकी बातों में आकर ऐसा कर भी देते हैं।
किस प्रकार बचें?
इन जालसाजों से बचने का एक ही तरीका है, सावधानी। आपको पहले यह सिनिश्चित करना होगा कि जो आपकी मदद कर रहा है वह दवा या ऑक्सीजन सिलिंडर का वेरिफाइड सेलर है या नहीं। इसके अतिरिक्त आप ऑनलाइन पेमेंट के लिए किसी वॉलेट का इस्तेमाल न करें। हमेशा यूपीआई या एनईएफटी के जरिए ही पेमेंट करें, ताकि आपके पास संबंधित व्यक्ति के खाते की जानकारी रहे। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि अगर आपके साथ ठगी की जाकती है, तो आप उसके बैंक की जानकारी पुलिस को दे पाएं।