बीएसएनएल ने नहीं लगाया कोई शुल्क
टेलीकॉम विशेषज्ञों के मुताबिक, देश में तीन प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां हैं, जिसमें जियो द्वारा सेवाएं शुरू करने पर निशुल्क इनकमिंग जारी रखने को कोई प्लान नहीं पेश किया गया। इसके बाद वित्तीय संकट झेल रही कंपनियों ने उन नंबरों के लिए न्यूनतम रिचार्ज की व्यवस्था लेकर आई, जो कई साल से निशुल्क इनकमिंग की सुविधा तो ले रहे हैं और यदा-कदा भी रिचार्ज नहीं करा रहे हैं।
ऐसे ग्राहकों की संख्या एक करोड़ से भी अधिक बताई जा रही है। हालांकि, भारत दूरसंचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने फिलहाल इस मसले पर कोई कदम नहीं उठाया है। बीएसएनएल भी वित्तीय संकट झेल रही है पर उसकी सहायता के लिए सरकार खड़ी है।
शायद ही ट्राई उठाए कोई कदम
पिछले कुछ सालों में घाटे की मार से कई निजी क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियां बंद हो गई हैं। वोडाफोन और आइडिया ने विलय करके ग्राहक संख्या के मामले में एयरटेल को पीछे छोड़ दिया है। ऐसे में वह खुद को वित्तीय मुसीबत से बचाने के रास्ते निकाल रही हैं।
लेकिन ट्राई के नियमों के मुताबिक, ग्राहकों को इसके लिए कम से कम छह महीने का वक्त मिलना चाहिए, जो नवंबर में लाए गए 35 रुपये के न्यूनतम रिचार्ज पर लागू नहीं किया गया। ऐसे में भविष्य में दरें बढ़ाने पर ट्राई कोई कदम उठाएगा।
इसकी उम्मीद जानकारों को कम है। गौरतलब है कि दूरसंचार विशेषज्ञ मनोज गैरोला का कहना है कि दिसंबर में ट्राई ने दोनों (वोडाफोन-एयरटेल) कंपनियों को अचानक अपने टैरिफ प्लान बदलने पर नोटिस भी जारी किया। लेकिन उसके बाद ट्राई ने कंपनियों पर कोई कार्रवाई नहीं की थी।