भारतीय एयरलाइन कंपनियों ने इस साल अपने विमानों में 183 तकनीकी खराबी की सूचना दी है। 2023 की तुलना में पिछले साल तकनीकी गड़बड़ियों में लगभग छह प्रतिशत की कमी आई थी। सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में इसकी जानकारी दी।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने राज्यसभा को यह भी बताया कि 12 जून को एअर इंडिया विमान दुर्घटना के बाद, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने तत्काल तकनीकी खामियों की पहचान करने और उन्हें सुधारने के लिए सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण घटक की जांच और उनका निरीक्षण बढ़ा दिया है।
12 जून को अहमदाबाद में एअर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें कुल 260 लोगों की मौत हो गई। विमान लंदन से सटे गैटविक जा रहा था। इस साल 23 जुलाई तक, एयरलाइनों द्वारा विमानों में 183 तकनीकी खराबी की सूचना दी गई। 2024 में यह संख्या 421 थी, जो 2023 में दर्ज 448 से कम है। 2022 में तकनीकी गड़बड़ियों की संख्या 528 थी और 2021 में यह संख्या 514 थी।
नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने एक लिखित उत्तर में कहा, "पिछले 5 वर्षों (जून 2025 तक) के दौरान गंभीर दोष/अड़चनों से जुड़ी कुल 2,094 जांचें की गई हैं।" नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एक लिखित उत्तर में कहा कि 2023 की तुलना में 2024 में उड़ानों में तकनीकी खराबी में लगभग 6 प्रतिशत की कमी आई है।
नायडू के अनुसार, डीजीसीए के पास विमानों के सुरक्षित संचालन और रखरखाव के लिए व्यापक और संरचित नागरिक उड्डयन नियम हैं। उन्होंने कहा, "इन विनियमों को निरंतर अपडेट किया जाता है और इन्हें अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO)/यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी (EASA) के मानकों के अनुरूप बनाया जाता है।
नायडू ने कहा, "दुर्घटना के बाद, डीजीसीए ने सुरक्षा आश्वासन के महत्वपूर्ण घटक की जांच और निरीक्षण को बढ़ा दिया है, ताकि तत्काल प्रणालीगत मुद्दों की पहचान की जा सके और उन्हें सुधारा जा सके।" इस बीच, इस वर्ष डीजीसीए के पास 3,925 यात्री शिकायतें दर्ज की गईं। 2024 में यह संख्या 4,016 थी। नायडू की ओर से लिखित उत्तर में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, 2023 में डीजीसीए के पास दर्ज यात्री शिकायतों की संख्या 5,513 थी, जो 2022 में 3,782 शिकायतों और 2021 में 4,131 शिकायतों से अधिक थी।