यात्री व मालवाहक विमान बनाने वाली विश्व की दूसरी बड़ी कंपनी एयरबस ने अपनी प्रतिद्वंदी कंपनी बोइंग को बड़ा झटका दे दिया है। एयरबस ने घोषणा की है कि वो चीनी एयरलाइन कंपनियों को 300 यात्री विमान बेचने जा रहा है। बोइंग फिलहाल अपने सर्वश्रेष्ठ विमान 737 मैक्स के उत्पादन व परिचालन पर रोक लगने के बाद से काफी संकट के दौर से गुजर रहा है।
बेचेगा ए320 के 290 विमान
कंपनी ने कहा कि फ्रांस व चीन के राष्ट्रपतियों की मौजूदगी में यह डील साइन हुई है। इस डील के मुताबिक एयरबस चीनी विमान कंपनियों को 290 ए320 नियो श्रेणी के विमान और 10 ए350 श्रेणी के विमान सप्लाई करेगा। चीन का नागर विमानन क्षेत्र काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। वहां पर भी देशी, लो कॉस्ट, क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। यह सौदा करीब 3500 करोड़ डॉलर में हुआ है।
चीन ने सबसे पहले किया बोइंग को बैन
इथोपिया में हुए विमान हादसे के बाद चीन ने सबसे पहले अपने यहां पर बोइंग 737 मैक्स विमानों का परिचालन बंद किया था। 737 मैक्स और एयरबस का ए320 नियो एक दूसरे का प्रतिद्वंदी है। चीन दो सरकारी हवाई कंपनियों एयर चाइना और चाइना सदर्न एयरलाइंस के लिए विमान खरीदता है।
व्यापार युद्ध बना कारण
चीन और अमेरिका के बीच चल रहे व्यापार युद्ध भी इस सौदे के पीछे बड़ा कारण बना है। इस सौदे से चीन अब अमेरिका को बता रहा है कि जैसा आप हमारे साथ करोगे, वैसा हम भी करेंगे। अगले दो दशक में चीन को करीब 7400 यात्री व मालवाहक विमानों की जरूरत पड़ेगी। वैश्विक डिमांड में उसकी 20 फीसदी हिस्सेदारी हो जाएगी। चीन इसके साथ ही बोइंग विमानों का प्रयोग भी बंद करने पर विचार कर रहा है।