दिवाली बीत चुकी है, लेकिन अब छठ पर्व के लिए घर लौटने वालों की भीड़ हवाई अड्डों पर लगातार बनी हुई है। त्योहारों की दोहरी सीजनल डिमांड का असर इस बार हवाई किरायों पर भी साफ दिख रहा है। हालांकि दिवाली से ठीक पहले जो रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिली थी, अब उसमें कुछ राहत जरूर आई है, मगर पटना, गया और पूर्वी भारत जाने वाले रूट्स पर किराया अब भी सामान्य से दोगुना तक बना हुआ है।
दिवाली में रिकॉर्ड उछाल, अब छठ के कारण किराये में तेजी
ट्रेवल एजेंसियों के अनुसार, दिवाली और छठ के दौरान घरेलू उड़ानों की बुकिंग में इस साल 25-30% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। त्योहार से पहले हैदराबाद, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु और अहमदाबाद से इंदौर, नागपुर, कोलकाता, दिल्ली व उत्तर भारत जाने वाली उड़ानों के किराए में सबसे अधिक उछाल देखा गया था। हैदराबाद से नागपुर या कोलकाता के टिकट, जो आमतौर पर ₹4,500–₹6,500 में मिलते थे, दिवाली सप्ताह में ₹11,000–₹16,500 तक पहुंच गए। हैदराबाद से दिल्ली के लिए किराया ₹8,500 से ₹18,500 के बीच रहा। लखनऊ से मुंबई की फ्लाइट का किराया दिवाली से पहले ₹24,000 तक पहुंच गया था। बंगलूरू से जयपुर का किराया 43,000 हजार रुपये तक पहुंचने की खबर आई।
डीजीसीए की सख्ती और 1700 नई उड़ानें
त्योहार से पहले डीजीसीए (DGCA) ने एयरलाइंस को सलाह दी थी कि वे बढ़ती मांग को देखते हुए अतिरिक्त उड़ानें शुरू करें। इसके बाद इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस ने मिलकर करीब 1700 नई उड़ानों की घोषणा की। हालांकि इससे कुछ राहत तो मिली, मगर डायनामिक प्राइसिंग सिस्टम के चलते किराए अब भी सामान्य से अधिक बने हुए हैं। एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों के दौरान सीमित सीटें और जबरदस्त मांग के चलते एयरलाइंस कीमतें बढ़ा देती हैं। एक ट्रेवल विशेषज्ञ ने कहा, "जैसे-जैसे उड़ानों की सीटें भरती हैं, बाकी सीटों की कीमत अपने आप बढ़ जाती है।"
दिवाली के बाद हवाई किरायों में थोड़ी राहत
दिवाली के बाद कुछ प्रमुख रूट्स पर टिकट दरों में गिरावट देखी जा रही है। हालांकि छठ पर्व के कारण दिल्ली से बिहार और पूर्वी राज्यों के किराए अब भी ऊंचे हैं।
23 अक्तूबर के आस-पास के हवाई किरायों का हाल
| रूट |
न्यूनतम किराया (₹) |
| दिल्ली – पटना |
11,016 |
| दिल्ली – गया |
12,330 |
| दिल्ली – वाराणसी |
7,894 |
| दिल्ली – लखनऊ |
8,489 |
| दिल्ली – मुंबई |
5,641 |
| दिल्ली – कोलकाता |
8,489 |
| दिल्ली – चेन्नई |
5,386 |
| दिल्ली – बेंगलुरु |
5,886 |
| दिल्ली – अहमदाबाद |
3,499 |
| दिल्ली – गोवा |
4,795 |
| दिल्ली – दिब्रूगढ़ |
7,286 |
| दिल्ली – डिमापुर |
7,155 |
| दिल्ली – आगरा |
10,644 |
छह महापर्व के कारण दिल्ली से बिहार और पूर्वोत्तर की उड़ानों के किराए अब भी ऊंचे हैं, जबकि बाकी रूट्स पर दिवाली की तुलना में 20-30% तक कमी आई है।
छुट्टियों में पर्यटन स्थलों की बढ़ी रौनक
इस सीजन में सिर्फ घर लौटने वाले ही नहीं, बल्कि छुट्टियां मनाने वाले पर्यटकों की संख्या भी बढ़ी है। देश के भीतर जयपुर, उदयपुर, वाराणसी, गोवा, केरल, हिमाचल और उत्तराखंड सबसे पसंदीदा डेस्टिनेशन बने हुए हैं। वहीं अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के लिए स्विट्जरलैंड, फ्रांस, इटली, ऑस्ट्रिया, स्पेन, ऑस्ट्रेलिया और जापान भारतीय यात्रियों की पसंद में शीर्ष पर हैं। दिवाली के बाद देश में हवाई किरायों में आंशिक गिरावट जरूर आई है, लेकिन छठ महापर्व के कारण दिल्ली से पटना और गया की उड़ानें अब भी महंगी हैं। एयरलाइंस की डायनामिक प्राइसिंग व्यवस्था तब तक यात्रियों पर दबाव बनाए रखेगी, जब तक हवाई किरायों पर कोई ठोस मूल्य नियंत्रण नीति लागू नहीं की जाती।