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प्रदूषण से 500 फीसदी बढ़ी एयर प्यूरिफायर की बिक्री, इनकी भी मांग में हुआ इजाफा

Tue, 13 Nov 2018 01:12 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई प्रमुख शहर प्रदूषण की मार से बेहाल हैं। लेकिन इसके चलते कई कंपनियों की इस वक्त बल्ले-बल्ले हैं, जो इससे बचने के लिए कई उत्पाद बना रही हैं। दिवाली के बाद से दिल्ली-एनसीआर सहित कई शहरों में लोग घुटन भरी हवा में सांस ले रहे हैं। ऐसे में घर, ऑफिस में ताजी सांस लेने के लिए एयर प्यूरिफायर और मास्क की बिक्री में इजाफा देखने को मिला है। इस साल अभी तक एयर प्यूरिफायर की बिक्री में 500 फीसदी का इजाफा हो चुका है। 
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इन शहरों में हो रही है सबसे ज्यादा बिक्री

एयर प्यूरिफायर की सबसे ज्यादा बिक्री दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद से सटे इलाकों में सबसे ज्यादा हो रही है। इस साल बिक्री का आंकड़ा 500 करोड़ रुपये के पार जा चुका है। देश भर में करीब 3.5 लाख एयर प्यूरिफायर बिक चुके हैं। वहीं जयपुर, कानपुर, वाराणसी, लखनऊ, लुधियाना, चंडीगढ़, मुंबई, बंगलूरू आदि शहरों में भी इनकी मांग में इजाफा देखने को मिला है। 

बन रहा है नया बाजार

वायु प्रदूषण को लेकर लोगों में जागरूकता आने की वजह से भारत में एक नया बाजार शक्ल ले रहा है। इस बाजार के तहत एंटी-पल्यूशन मास्क, एयर-प्यूरीफाइंग मशीनें, हवा की गुणवत्ता नापने वाले डिजिटल मॉनिटर और कार एयर प्यूरीफायर जैसे उत्पाद शामिल हैं।
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2015 से लगातार हो रहा है इजाफा

ई-कॉमर्स वेबसाइट अमेजन के मुताबिक, साल 2016 में लोगों ने 2015 के मुकाबले चार सौ प्रतिशत ज्यादा एयर प्यूरिफायर खरीदे थे। वहीं, 2017 में लोगों ने 2016 के मुकाबले 500 प्रतिशत ज्यादा एयर प्यूरिफायर खरीदे थे। यही नहीं, अमेजन पर साल 2018 में होम/कार प्यूरिफायर्स की बिक्री में सितंबर महीने के मुकाबले अक्टूबर में 450 फीसदी ज्यादा बिक्री दर्ज की गई है।

अमेजन के साथ-साथ फ्लिपकार्ट पर भी लोगों ने इस उत्पाद को लेकर रूचि दिखाई है। फ्लिपकार्ट के वरिष्ठ निदेशक संदीप करवा भी बताते हैं, 'साल 2018 में अक्तूबर 2017 के मुकाबले बिक्री में 400 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है और दिल्ली-मुंबई में इन उत्पादों को लेकर खासी रुचि देखी जा रही है।' हालांकि एयर प्यूरिफायर केवल घर या ऑफिस के अंदर ही हवा को साफ रख सकते हैं। ऐसे में बाहर निकलने वालों को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। इसके लिए केवल मास्क पहनना ही सबसे ज्यादा कारगर चीज है। 

 
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यह है रेंज

एयर प्यूरिफायर की रेंज चार हजार रुपये से शुरू होकर के 50 हजार रुपये के बीच है।  एमआई, फिलिप्स, हनीवेल, टेफल, सैमसंग, लिवप्योर और ब्लूस्टार जैसी कंपनियों के प्यूरिफायर ज्यादा खरीदे जा रहे हैं जो कि मात्र साढ़े चार हजार रुपये से शुरू होते हैं। ब्रितानी कंपनी डायसन ने अपने प्यूरीफायर को 45,900 रुपये की कीमत पर उतारा है। शार्प ने अपने उत्पाद को 23 हजार रुपये की कीमत पर उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध कराया है। डच कंपनी फिलिप्स के एयर प्यूरीफायर को आठ हजार से 37,995 रुपये की रेंज में खरीदा जा सकता है। 

मास्क की बिक्री में भी इजाफा

घर के बाहर प्रदूषण का सबसे ज्यादा मार पड़ती है। दिल्ली एनसीआर में मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 307 से लेकर 547 रहा, जो कि हानिकारक है। दिवाली के बाद से स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। ऐसे में मास्क की बिक्री में भी इजाफा देखने को मिला है। मेडिकल स्टोर और अस्पतालों में मास्क खरीदने वालों की डिमांड काफी ज्यादा है।  

अच्छी क्वॉलिटी के एन1 मास्क से थोड़ा-बहुत बचाव मुमकिन है, लेकिन सस्ते मास्क का कोई फायदा नहीं। बाजार में सस्ते मास्क तो आसानी से मिल रहे हैं, लेकिन महंगे मास्क की डिमांड होने के बावजूद इनके लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

एन 1 मास्क 150-300 रुपये के बीच में मिल रहा है। वहीं साधारण मास्क की कीमत 10 रुपये से शुरू हो रही है। हालांकि यह ज्यादा कारगर नहीं होते हैं। एन 1 मास्क की खासियत यह होती है कि आप इसे धोकर दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं। 

हवा स्वच्छ रखने वाले पौधों की बिक्री में इजाफा

एयर प्यूरिफायर और मास्क के अलावा घर की हवा को स्वच्छ रखने वाले पौधों की बिक्री में भी इजाफा देखने को मिला है। कई पौधे जैसे की तुलसी, नीम, मनी प्लांट, पाम आदि की बिक्री भी काफी बढ़ गई है। लोगों का मानना है कि इनको घर में लगाने से प्रदूषण के बढ़ते प्रकोप से निजात मिलेगी। इन पौधों के दाम भी बढ़ गए हैं। मसलन मनी प्लांट का पौधा पहले 30 रुपये का मिलता था, वो अब 70 रुपये में मिल रहा है। तुलसी का पौधा गमले सहित पहले 25 रुपये का मिलता था, जिसका दाम अब 40 से 50 रुपये के बीच हो गया है।  

एक्सपर्ट की राय

सर गंगाराम अस्पताल के चेस्ट एंड रोबॉटिक सर्जरी के चेयरमैन डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि एयर प्यूरीफायर को भी ज्यादातर एक्सपर्ट किसी काम का नहीं समझते। फिलहाल बाजार में कई कंपनियों के एयर प्यूरीफायर मौजूद हैं और वे घर को प्रदूषण मुक्त बनाने का दावा करते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि प्यूरीफायर हवा को कितना शुद्ध कर रहा है, यह बताना मुश्किल है।

भारतीय घर हवादार, बड़ी खिड़कियों वाले बनाए जाते हैं, उनमें ये किस तरह से काम करते हैं, इसके बारे में कुछ निश्चित नहीं कहा जा सकता है। एक्सपर्ट का कहना है कि घर के दरवाजे और खिड़कियों को बंद रखना ही सबसे ज्यादा ठीक है। इससे घर में बाहर से ज्यादा प्रदूषण नहीं पहुंचेगा। 
 
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