करीब 30 विदेशी विमानन कंपनियां भारतीय हवाई सीमा से इतर कई देशों में इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी मुहैया कराती हैं। इनमें एयर एशिया, एयर फ्रांस, ब्रिटिश एयरवेज सहित अन्य विमानन कंपनियां शामिल हैं।
भारतीय हवाई क्षेत्र को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश और क्रियान्वयन नियम नहीं होने की वजह से इन कंपनियों को भारत में यह सेवा बंद करनी पड़ती है। विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए जाने के बाद कंपनियां आसानी से यात्रियों को हवाई यात्रा के दौरान यह सेवाएं मुहैया करा सकेंगी।
सरकार ने ग्राहकों को यह सेवा मुहैया कराने के लिए दूरसंचार नियामक की सिफारिश के बाद आगे कदम बढ़ाया। इससे पहले दूरसंचार आयोग द्वारा ट्राई की सिफारिशों को मंजूरी प्रदान की गई थी। गौरतलब है कि सुरक्षा के मद्देनजर इन फ्लाइट कनेक्टिविटी के लिए भारतीय उपग्रह का इस्तेमाल करना तय किया गया है, जबकि यह नियम ट्राई की उस सिफारिश के खिलाफ है, जिसमें इस सेवा के मुहैया कराने में विदेशी उपग्रह और गेटवे के इस्तेमाल की सिफारिश की गई थी। लेकिन दूरसंचार आयोग ने विदेशी उपग्रह के प्रयोग को अस्वीकार कर दिया था।