एयर इंडिया के जहाजों को उड़ाने वाले पायलट और को-पायलट को हाल ही में एक अजीब से आदेश मिला था, जिसका विरोध होने पर इसे वापस ले लिया गया। हाल ही में एयरलाइन के कैटरिंग विभाग ने 10 जुलाई को पायलट और को-पायलट को एयरक्रॉफ्ट में केवल शाकाहारी खाना देने का आदेश जारी किया था। पहले सभी पायलटों को एयरक्रॉफ्ट में फ्लाइट के दौरान शाकाहारी और मांसाहारी खाना मिलता था।
पायलटों ने किया था विरोध
इस आदेश के जारी होने के बाद एयर इंडिया के सभी पायलटों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया, जिसके बाद आदेश को वापस ले लिया गया। पहले इस आदेश के पीछे तर्क था कि मांसाहारी खाने वाले शाकाहारी खाना खा सकते हैं, लेकिन शाकाहारी खाना खाने वाले पायलट मांसाहारी खाना नहीं खा सकते हैं।
पायलट व क्रू के लिए आता है अलग से खाना
सभी एयरलाइंस में पायलेट और क्रू के सदस्यों के लिए एयरक्रॉफ्ट में अलग से खाना आता है। यह खाना यात्रियों को दिए जाने वाले खाने से अलग होता है। ऐसा इसलिए कि अगर यात्रियों का खाना गलती से भी खराब निकल जाता है और उड़ान के दौरान उनकी तबियत बिगड़ जाती है, तो फिर भी इस स्थिति में पायलट और क्रू के अन्य सदस्यों को लैंडिंग में परेशानी न हो। हालांकि सुरक्षा कारणों से इस बात को हमेशा ही गुफ्त रखा जाता है, कि कौन सा खाना यात्रियों के लिए है और कौन सा क्रू के सदस्यों के लिए।
एयर इंडिया ने मानी गलती
एयर इंडिया ने अपनी गलती मानते हुए बाद में इस आदेश को रद्द कर दिया। प्रबंधन ने अपनी सफाई में कहा कि यह आदेश कैटरिंग विभाग की तरफ से गलती से चला गया था। हालांकि एयरलाइन पहले ही अपने घरेलू उड़ानो पर इकोनॉमी क्लास में यात्रा करने वाले यात्रियों को शाकाहारी खाना दिया जाता है। विदेशी उड़ानों की सभी श्रेणियों और घरेलू उड़ानों के बिजनेस क्लास में यात्रियों को मांसाहारी खाना मिलता है। इससे एयर इंडिया को सालाना 8 करोड़ रुपये की बचत होती है।