एअर इंडिया विमान हादसे की तस्वीर
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बोर्ड की नाराजगी और नेतृत्व में बदलाव
बढ़ते घाटे और धीमी रिकवरी को देखते हुए एअर इंडिया का बोर्ड प्रबंधन के मौजूदा प्लान से नाखुश है। सूत्रों के अनुसार, प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत एक नई पंचवर्षीय योजना, जिसमें केवल तीसरे वर्ष में मुनाफे का अनुमान लगाया गया था, को बोर्ड ने खारिज कर दिया है। बोर्ड ने टर्नअराउंड के लिए अधिक आक्रामक दृष्टिकोण की मांग की है। इस बीच, टाटा समूह ने मौजूदा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कैंपबेल विल्सन की जगह लेने के लिए नए नेतृत्व की तलाश शुरू कर दी है, हालांकि यह खोज हादसे की जांच रिपोर्ट आने तक जारी रहने की संभावना है।
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एअर इंडिया विमान हादसा
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सिंगापुर एयरलाइंस पर दबाव
एअर इंडिया का यह संकट उसके साझेदार सिंगापुर एयरलाइंस लिमिटेड के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। विस्तारा का एअर इंडिया में विलय होने के बाद सिंगापुर एयरलाइंस के पास अब इसमें 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी है। एअर इंडिया के खराब प्रदर्शन का सीधा असर सिंगापुर एयरलाइंस की कमाई पर भी पड़ रहा है, भले ही वह पुनर्गठन योजना के तहत एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस को इन-हाउस लाने में एअर इंडिया की मदद कर रही है। भारतीय विमानन बाजार में एक प्रतिद्वंद्वी एयरलाइन द्वारा उड़ानों को बड़े पैमाने पर रद्द करने और हवाई यात्रियों में बढ़ी चिंता ने भी एअर इंडिया के लिए चुनौतियां बढ़ा दी हैं।