कैंपबेल विल्सन, एअर इंडिया के सीईओ
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अहमदाबाद में हुए भीषण हादसे के बाद से एअर इंडिया के विमानों में तकनीकी खामियों की कई खबरें सामने आई हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और उड़ाने में देरी के सवाल खड़े हुए हैं। इन सबको लेकर अब विमानन कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने सफाई दी है। हालिया घटनाओं को लेकर उठ रहे सवालों पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा है कि समूह के विशाल पैमाने पर विमानन सेवाओं के संचालन को देखते हुए इन घटनाओं की दर सामान्य है।
विल्सन ने कहा कि एयर इंडिया समूह हर रोज 1,200 से अधिक उड़ानों का संचालन करता है। इतने बड़े पैमाने पर जब संचालन होता है तो स्वाभाविक रूप से कुछ घटनाएं सामने आती हैं। परंतु इन्हें सामान्य संदर्भ में देखा जाना चाहिए। आगे उन्होंने जोर देकर कहा कि कंपनी ने अब पहले से अधिक पारदर्शिता के साथ घटनाओं की रिपोर्टिंग करना शुरू कर दिया है, जिससे कि लंबे समय के लिए यात्रियों का भरोसा मजबूत किया जा सके।
आगे उन्होंने यात्रियों की शिकायतों को लेकर एक नई पहल के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि एयरलाइन अपने केबिन क्रू को सेवा में कमियों की भरपाई के लिए उड़ान के दौरान ही यात्रियों को ई-वाउचर प्रदान करने की अनुमति देने की योजना बना रही है। यह इसलिए किया जा रहा है ताकि उड़ान के दौरान यदि किसी यात्री को असुविधा होती है, तो मौके पर ही उसे मुआवजा दिया जा सके। यह योजना यात्रियों द्वारा सेवा संबंधी समस्याओं, तथा कुछ विमानों में तकनीकी खराबी के कारण उड़ानों के रद्द होने और देरी की शिकायत की पृष्ठभूमि में बनाई गई है।
टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने पिछले दिनों कई तकनीकी दिक्कतों और देरी की घटनाओं के कारण सुर्खियां बटोरी थीं। कंपनी इन परिस्थितियों से निपटने के लिए अपने बेड़े की विश्वसनीयता बढ़ाने और संचालन को बेहतर बनाने पर काम कर रही है।