फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

Air Fare: गर्मियों में ट्रेनें हुईं फुल, हवाई किराया हुआ पांच गुना महंगा, इस बीच ऐसे बढ़ी इस एयरलाइंस की कमाई

राहुल संपाल
Updated Fri, 16 Jun 2023 04:10 PM IST

सार

Air Fare: नागर विमानन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इंडिगो की उड़ानों से 81 लाख से अधिक लोगों ने सफर किया और देसी विमानन बाजार में कंपनी ने 61.4 फीसदी हिस्सेदारी पर कब्जा जमा लिया। साल 2023 के पहले चार महीनों में इंडिगो की बाजार में हिस्सेदारी 54 से 58 फीसदी के बीच रही...
विज्ञापन
विज्ञापन
Air Fare - फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar

 

विमानन कंपनी अप्रैल      मई
एयर एशिया            7.6%   7.9%
एयर एशिया            7.6%   7.9%
एयर इंडिया           8.6%    9.4%
आकाश एयर        4.0%    4.8%
गो फर्स्ट                 6.4%    0.4%
इंडिगो                  57.4%  61.4%      
स्पाइसजेट              5.8%  5.4%
विस्तारा                    8.7% 9.0%

स्रोत: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय

इसके अलावा टाटा समूह के नियंत्रण वाली विमानन कंपनियों (एयर एशिया, एयर इंडिया और विस्तारा) और आकाश एयर की हिस्सेदारी भी अप्रैल के मुकाबले बढ़ गई। मगर स्पाइसजेट की बाजार हिस्सेदारी मई में कम होकर 5.4 फीसदी (अप्रैल में 5.8 प्रतिशत) रह गई। मई में तकरीबन 87.7 फीसदी मुसाफिरों ने इंडिगो और टाटा समूह की विमानन कंपनियों की उड़ानों से सफर किया। एक महीना पहले इन विमानन कंपनियों की कुल बाजार हिस्सेदारी 82.4 फीसदी थी। मई में फ्लाइट की कमी और हवाई सफर की मांग बढ़ने से सभी विमानन कंपनियों की अधिक से अधिक सीटें भरी रहीं। स्पाइसजेट की सबसे ज्यादा 94.8 फीसदी सीटें भरी रहीं।

गो फर्स्ट की उड़ान दो मई के बाद ठप की गई थीं। इन दो दिनों में 48,000 लोगों ने उसकी उड़ान का इस्तेमाल किया था। कंपनी के पास 54 विमान हैं और वित्तीय संकट में घिरने से पहले उसके 26 विमान ही उड़ान भर रहे थे। बाकी विमान इंजन नहीं मिलने के कारण खड़े रहे। गो फर्स्ट की बाजार हिस्सेदारी इस साल जनवरी में 8.4 फीसदी और फरवरी में 8 फीसदी थी। मार्च बाद के दो महीनों में यह कम होकर 6.9 फीसदी और 6.4 फीसदी रह गई।

इधर, ट्रेनों में बढ़ रही भीड़, तत्काल में भी नहीं मिल रहे टिकट

इधर, दिल्ली से बिहार, जम्मू कश्मीर, मुंबई, ओडिशा समेत दक्षिण भारत में जाने वाली अधिकांश ट्रेनों में भीड़ बढ़ी हुई नजर आ रही है। ट्रेनों में भी लंबी वेटिंग से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। इसी वजह से हवाई जहाज का किराया भी आसमान छूने लगा है। ट्रैवल जानकारों का कहना है कि तत्काल कोटे में कंफर्म टिकट हासिल करने के लिए यात्रियों को मशक्कत करनी पड़ रही है। गर्मियों की छुट्टियों के चलते दिल्ली से बिहार और जम्मू कश्मीर जाने वाली ट्रेनों में ज्यादा भीड़ है। दक्षिण भारत जाने वाली ट्रेन भी फुल चल रही है। हालांकि मुंबई से दिल्ली आने वाले ट्रेनों में अब भीड़ कम हुई है।

देश के इन रूट पर किराया पांच गुना हुआ महंगा

अमर उजाला से चर्चा में ट्रेवल जानकार कहते हैं कि गो फर्स्ट जो सस्ती विमान सेवाओं के लिए जाना जाता है, लोगों ने अपने बजट के हिसाब से उसमें बुकिंग करवाई थी, लेकिन अब गो फर्स्ट का सस्ता उनके लिए काफी महंगा पड़ रहा है। एयरलाइंस की उड़ानें रद्द होने के बाद यात्रियों को दूसरी विमान सेवाओं में अपनी टिकट बुक करवानी पड़ रही है। यात्रियों से डेढ़ से पांच गुना तक अधिक किराया वसूला जा रहा है। दूसरी एयरलाइंस कंपनियों ने फ्लाइट टिकटों के रेट बढ़ा दिए हैं। खासकर उन रूट्स पर जहां गो फर्स्ट का दबदबा था। गो फर्स्ट का परिचालन बंद होने से अन्य फ्लाइटों की मांग अचानक बढ़ गई है। इसलिए कई रूटों पर हवाई किराये में वृद्धि देखने को मिल रही है।

इन मार्गों में दिल्ली-श्रीनगर, मुंबई-गोवा और दिल्ली-लेह मार्ग शामिल हैं। इनके लिए अचानक या तत्काल यात्रा करने पर यात्रियों से लिया जाने वाला किराया 50 फीसदी तक महंगा हो गया है। गो फर्स्ट एयरलाइन का दिल्ली-श्रीनगर मार्ग और मुंबई-गोवा सबसे व्यस्त रूट था। इस रूट पर अन्य कंपनियों ने फ्लाइट तो बढ़ाई है, लेकिन किराये में भी काफी वृद्धि देखने को मिल रही है। दिल्ली से श्रीनगर के बीच फ्लाइट का किराया 18 से 20 हजार रुपये तक हो गया है। जबकि मुंबई से गोवा के बीच किराया 5 से 7 हजार रुपये के बीच है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next