Stubble Burning: कृषि विभाग के सचिव के अनुसार किसानों को मशीनरी के लिए सरकारी समर्थन मिलने और अन्य उपायों के कारण इस साल दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है। कृषि सचिव ने आगे क्या कहा, आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
कृषि मशीनरी के लिए सरकारी समर्थन और अन्य उपायों के कारण इस साल दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है। कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी ने सोमवार को यह बयान दिया।
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चतुर्वेदी ने एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं को बताया कि सरकार ने किसानों को इस समस्या से निपटने के लिए प्रासंगिक उपकरण और आवश्यक उपाय उपलब्ध कराए हैं।
उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से... मशीनरी उपलब्ध कराने और स्थानीय एवं बाहरी उपायों की नीति के कारण दिल्ली, एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है।" उन्होंने कहा कि पिछले दस दिनों में पराली जलाने की कोई घटना नहीं हुई है।
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उत्तर भारत में किसानों द्वारा कटाई के बाद पराली जलाना सर्दियों के महीनों के दौरान दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में गंभीर वायु प्रदूषण का एक प्रमुख कारण रहा है।
प्रदूषण के अन्य स्रोतों के बारे में पूछे जाने पर चतुर्वेदी ने कहा कि अन्य मंत्रालय इस पर टिप्पणी करने के लिए बेहतर स्थिति में हैं। उन्होंने कहा, "यदि प्रदूषण के अन्य कारण हैं तो अन्य मंत्रालयों को इस बारे में बताना बेहतर होगा।"