फैशन जगत के दिग्गज जियोर्जियो अरमानी का 4 सितंबर को 91 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन के बाद शुक्रवार को उनके 11.8 अरब डॉलर के लग्जरी समूह की वसीयत सार्वजनिक की गई। अरमानी ने अपनी वसीयत में एक बड़े लक्जरी समूह से अपनी कंपनी में हिस्सेदारी लेने का अनुरोध किया है। इन संभावित खरीदारों के रूप में एलवीएमएच, एस्सिलोरलक्सोटिका या लोरियल का जिक्र किया गया है। अरमानी ने अपनी वसीयत में और क्या-क्या कहा है आइए जानते हैं विस्तार से।
एक इतालवी प्रेस की ओर से प्रकाशित अपनी वसीयत में अरमानी ने इच्छा जताई है कि जिस फाउंडेशन को कंपनी विरासत में मिलेगी। उसे 15 प्रतिशत हिस्सेदारी एक प्रमुख फैशन हाउस को बेच देनी चाहिए। उन्होंने फ्रांसीसी लक्जरी दिग्गज एलवीएमएच, सौंदर्य प्रसाधन समूह लोरियल और आईवियर कंपनी एस्सिलोरलक्सोटिका का जिक्र अपने पसंदीदा खरीदारों के रूप में किया है। हालांकि अरमानी ने कहा है कि इसी स्तर की कोई अन्य कंपनी भी उन्हें स्वीकार्य होगी।
एक बयान में जियोर्जियो अरमानी की कार्यकारी समिति ने जोर देकर कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, फाउंडेशन अपना मजबूत प्रभाव बनाए रखेगा। इसमें कहा गया, "फाउंडेशन... कभी भी 30 प्रतिशत से कम पूंजी नहीं रखेगा। इससे वह संस्थापक के सिद्धांतों के अनुपालन का स्थायी गारंटर बन जाएगा।" फोर्ब्स पत्रिका के आकलन के अनुसार जियार्जियो अरमानी की कुल संपत्ति 11.8 बिलियन डॉलर है।
मिलान स्थित इस डिजाइनर की कोई संतान नहीं थी और उन्होंने अपनी पूरी कंपनी अपनी फाउंडेशन को दे दी। इसका प्रबंधन उनके सबसे करीबी व्यक्ति लियो डेल ऑर्को और उनके भतीजे-भतीजी करेंगे। वसीयत के अनुसार, फाउंडेशन के पास कंपनी के 10 प्रतिशत शेयर होंगे और शेष शेयर बिना उपयोग के अधिकार के साथ होगे। फाउंडेशन के पास 30 प्रतिशत मतदान अधिकार होंगे। 40 प्रतिशत डेल'ऑर्को को और 15-15 प्रतिशत उनकी भतीजी सिल्वाना अरमानी और भतीजे एंड्रिया कैमेराना को आवंटित किए जाएंगे।
इसमें कहा गया है, "वसीयत में स्पष्ट किया गया है कि सभी लघु और मध्यम अवधि के रणनीतिक निर्णय डेल'ऑर्को और उनके परिवार के हाथों में होंगे, जिन्हें फाउंडेशन का समर्थन प्राप्त होगा।" वसीयत में कहा गया है कि संभावित साझेदार एक ऐसी कंपनी होगी जो "मान्यता प्राप्त हो और अरमानी की ओर से निर्मित ब्रांड में वास्तव में रुचि रखती हो।"