देश भर में आधार कार्ड की संख्या 125 करोड़ के पार चली गई है। आधार कार्ड को जारी करने वाली संस्था यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) ने शुक्रवार को घोषणा करते हुए कहा है कि 10 साल तीन महीने में इस टारेगट को हासिल किया गया है।
आधार कार्ड भारत सरकार द्वारा भारत के नागरिकों को जारी किया जाने वाला पहचान पत्र है। सबसे पहले नंदन निलेकणी को यूआईडीएआई का अध्यक्ष बनाया गया था। इसमें 12 अंकों की एक विशिष्ट संख्या छपी होती है। यह संख्या, भारत में कहीं भी, व्यक्ति की पहचान और पते का प्रमाण होगा। भारतीय डाक द्वारा प्राप्त और यू.आई.डी.ए.आई. की वेबसाइट से डाउनलोड किया गया ई-आधार दोनों ही समान रूप से मान्य हैं।
आधार को दुनिया की सबसे बड़ी बॉयोमेट्रिक आईडी प्रणाली माना जाता है। विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री पॉल रोमर ने आधार को "दुनिया में सबसे परिष्कृत आईडी कार्यक्रम" के रूप में वर्णित किया था।आधार का डाटाबेस यूआईडीएआई के दो डाटा सेंटर में रखा गया है। इन दोनों सेंटर में कुल सात हजार से अधिक सर्वर हैं। यह डाटाबेस सेंटर औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी), मानेसर और बंगलूरू में स्थित हैं।
आधार कार्ड का उपयोग यहां पर किया जाता है। पहले इसका इस्तेमाल बैंक खाता खोलने और मोबाइल सिम लेने के लिए भी ईकेवाईसीके लिए प्रयोग किया जाता था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेशनुसार अब यह ईकेवाईसी के तौर पर इनमें प्रयोग नहीं किया जा सकता है। हालांकि कई अन्य सेवाओं के लिए इसका प्रयोग अभी भी जारी है। ये सेवाएं हैं....