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Maharashtra: नवी मुंबई में बनेगा अफ्रीका सेंटर, महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस ने बताया क्या है इसका मकसद

Fri, 19 Dec 2025 05:48 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नवी मुंबई में 54 मंजिला अफ्रीका सेंटर स्थापित करने की घोषणा की है, जिसमें अफ्रीकी महाद्वीप के सभी देशों के प्रतिनिधियों के कार्यालय होंगे। उन्होंने कहा कि अफ्रीका में तेजी से बढ़ती जनसंख्या के चलते उसका आर्थिक महत्व बढ़ेगा और भारत को वैश्विक भरोसे का लाभ मिलेगा।
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नवी मुंबई में 54 मंजिला अफ्रीकी केंद्र के स्थापना की घोषणा की है। जिसकी हर मंजिल अफ्रीकी महाद्वीप के प्रत्येक देश के प्रतिनिधियों के कार्यालय होंगे। यह घोषणा मुख्यमंत्री ने मुंबई में आयोजित विश्व हिंदू आर्थिक मंच एक कार्यक्रम के दौरान की। 

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वैश्विक सहयोग को मजबूत करने के लिए नवी मुंबई में अफ्रीका केंद्र योजना

उन्होंने बताया कि अफ्रीका में अगली जनसंख्या वृद्धि होगी जिससे महाद्वीप का आर्थिक महत्व बढ़ेगा, फडणवीस ने कहा कि भारत को इस बात का लाभ मिलेगा क्योंकि दुनिया उस पर भरोसा करती है। फडणवीस ने कहा कि भारत ने सदैव ही दूसरे देशों के साथ मिलकर काम किया है। विश्व के सभी देश भारत पर भरोसा करते हैं इसलिए भारत को इसका लाभ मिलेगा। विश्व के सभी समृद्ध देश भारत के साथ मिलकर काम करते हैं, हम सह अस्तित्व में विश्वास रखते है। उन्होंने बताया कि कैसे पापुआ न्यू गिनी अपने गैस क्षेत्र को दोहन करने के लिए भारत के साथ काम करना चाहता है।

भारत की अर्थव्यव्स्था सेवा क्षेत्र पर निर्भर

इस कार्यक्रम में जेएसडब्ल्यू ग्रुप के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था सेवा क्षेत्र पर अधिक निर्भर करती है, जो अर्थव्यवस्था का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। जिंदल ने कहा विनिर्माण हमारी अर्थव्यवस्था का 15 प्रतिशत से भी कम है। बावजूद इसके भारत के युवा महत्वाकांक्षी और उद्यमी हैं। विश्व हिंदू आर्थिक मंच में उन्होंने सवंवादताओं से बातचीत में कहा कि भारत को अपने खुद के रेयर अर्थ के भंडार को विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए , हमारे पास रेयर अर्थ्स के काफी भंडार हैं। जिंदल का यह बयान अमेरिका की पैक्स सिलिका पहल में भारत को रेयर अर्थ्स अलायंस से बाहर निकालने के बाद आया है। उन्होंने कहा हमारे देश में रेयर अर्थ्स के भंडार प्रचुर मात्रा में हैं। देश में अभी तक इसकी खोज सही ढंग की नहीं गई है, इसलिए हमे इस पर काफी काम करने की जरूरत है। जिंदल ने कहा चीन से मिले झटके बाद देश को अपने रेयर अर्थ्स के भंडार को विकसित करने की आवश्यकता है।

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