अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड ने गुजरात के मुंद्रा में अपने बहु-उत्पाद एसईजेड की अधिसूचना आंशिक रूप से रद्द करने के लिए केंद्र से संपर्क किया है। खबर है कि वाणिज्य मंत्रालय शुक्रवार को इस प्रस्ताव पर विचार करेगा। इस प्रस्ताव पर विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) के लिए सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था अनुमोदन बोर्ड की बैठक में चर्चा की जाएगी। वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक कल यहां होगी।
बैठक के एजेंडे के अनुसार, "अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एपीएसईजेड) लिमिटेड ने 8282.7670 हेक्टेयर में से 333.7396 हेक्टेयर की आंशिक अधिसूचना रद्द करने का अनुरोध किया है। कारण बताते हुए डेवलपर ने कहा है कि सौर बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा और भारत में सौर उपकरणों की भारी डंपिंग के कारण, ईएमसी (इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर) की इकाइयां एसईजेड के भीतर आर्थिक रूप से अव्यवहारिक हो रही हैं।" समूह की ओर से कहा गया है कि इस कठिन बाजार में खुद को बचाए रखने के लिए रहने के लिए इन इकाइयों के लिए एसईजेड से बाहर निकलना जरूरी हो गया है।
प्रस्ताव में कहा गया है, "ईएमसी क्षेत्र में घटक इकाइयों ने एसईजेड प्रारूप में अपना परिचालन जारी नहीं रखने की इच्छा जताई है। इसलिए सह-डेवलपर मुंद्रा सोलर टेक्नोपार्क ने डेवलपर से अनुरोध किया है कि वह ईएमसी क्षेत्र को जहां है, वहीं के आधार पर एसईजेड से अलग कर दे।" गुजरात सरकार ने प्रस्ताव पर कोई आपत्ति नहीं जताई है और आंशिक अधिसूचना रद्द करने के आवेदन पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। एपीएसईजेड के विकास आयुक्त ने भी बोर्ड से इस प्रस्ताव पर विचार करने का अनुरोध किया है।
एसईजेड नियम, 2006 के अनुसार, यदि केंद्र सरकार संतुष्ट हो तो वह डेवलपर की ओर से किए गए आवेदन पर बोर्ड की सिफारिश के बाद एसईजेड की अधिसूचना को संशोधित कर सकती है, या इसे वापस ले सकती है या उसे निरस्त कर सकती है। इसके अलावा, अंतर-मंत्रालयी बोर्ड मुंद्रा पेट्रोकेम लिमिटेड, एपीएसईजेड, मुंद्रा के एक वर्ष के लिए एलओए (अनुमोदन पत्र) विस्तार के प्रस्ताव पर भी विचार करेगा।
बैठक के एजेंडा में कहा गया है कि हालांकि एलओए दिसंबर 2021 में जारी किया गया था, लेकिन कोविड महामारी और अन्य मुद्दों के कारण परियोजना की शुरुआत और कमीशनिंग को पुनर्निर्धारित किया गया था। अब परियोजना की गतिविधियां पूरे जोरों पर चल रही हैं।
विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) प्रमुख निर्यात केन्द्र हैं, जिन्होंने पिछले वित्त वर्ष में देश के कुल निर्यात में एक तिहाई से अधिक का योगदान दिया है। विशेष आर्थिक क्षेत्र ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें व्यापार और सीमा शुल्क के लिए विदेशी क्षेत्र माना जाता है, और इन क्षेत्रों के बाहर घरेलू बाजार में शुल्क मुक्त बिक्री पर प्रतिबंध है। सरकार ने ऐसे 423 जोन को मंजूरी दी है, जिनमें से 280 चालू हैं। इन जोन में 5,711 इकाइयां स्वीकृत हैं। 2023-24 में इन क्षेत्रों से निर्यात 4 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 163.69 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।