भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने सोमवार को कहा कि अदाणी समूह के ऋण एवं इक्विटी में उसका 36,474.78 करोड़ रुपये का निवेश है और यह राशि राष्ट्रीय बीमा कंपनी के कुल निवेश (Asset Under Management, AUM) का एक प्रतिशत से भी कम है।
एलआईसी की असेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) सितंबर 2022 को समाप्त हुई तिमाही में 41.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक थी। देश के सबसे बड़े घरेलू संस्थागत निवेशक ने यह खुलासा ऐसे समय में किया है जब शॉर्ट सेलिंग विशेषज्ञ कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने अदाणी समूह में कई अनियमितताओं के दावे किए हैं।
हिंडनबर्ग रिसर्च ने रिपोर्ट में गौतम अदाणी की अगुवाई वाले समूह पर धोखाधड़ी वाले लेनदेन और शेयरों की कीमतों में हेरफेर करने सहित कई आरोप लगाए हैं। हालांकि अदाणी समूह ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। एलआईसी ने कहा, ‘अदाणी समूह की कंपनियों में इक्विटी और कर्ज के तहत हमारी कुल हिस्सेदारी 36,474.78 करोड़ रुपये है। 31 दिसंबर 2022 को यह 35,917 करोड़ रुपये थी।
एलआईसी ने कहा है कि अदाणी समूह की जो प्रतिभूतियां एलआईसी के पास हैं उनकी क्रेडिट रेटिंग AA है। ये बीमा कंपनियों के लिए IRDAI के निवेश के नियमों के अनुकूल है। एलआईसी ने अदाणी समूह में एक सीमा के भीतर ही निवेश किया है।
भारतीय जीवन बीमा निगम ने अपने बयान में बताया है कि वह सख्त निवेश ढांचे का अनुपालन करता है। एलआईसी ने कहा है कि इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि बाजार का रुख किसी भी दिशा में मुड़ सकता है। भारतीय जीवन बीमा निगम लंबी अवधि के दृष्टिकोण से निवेश करता है। वह उचित और विस्तृत अध्ययन के बाद ही निवेश करता है।
अदाणी समूह में एलआईसी का कुल निवेश बीमा कंपनी के कुल असेट अंडर मैनेजमेंट यानी एयूएम का महज 0.975% है। एलआईसी के अनुसार बीमा कंपनी का सॉल्वेंसी मार्जिन 160% के लक्ष्य से ऊपर है। एलआईसी ने कहा है कि हम अपने हितधारकों के प्रतिबद्ध और सचेत हैं।