अदाणी समूह ने भारत के विमानन सेक्टर में अपने दबदबे को और बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को गुजरात के मुंद्रा एयरपोर्ट से पहली कमर्शियल (व्यावसायिक) उड़ान के टेकऑफ करते ही, ग्रुप ने अगले पांच वर्षों में एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर 90,000 से एक लाख करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश का एलान किया है। 'उड़ान' (UDAAN) योजना के तहत शुरू की गई इस नई कनेक्टिविटी से न सिर्फ कच्छ क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को पंख लगेंगे, बल्कि देश के एविएशन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी बड़े रणनीतिक बदलाव आएंगे।
अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के डायरेक्टर जीत अदाणी ने मुंद्रा एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानें शुरू होने के मौके पर स्पष्ट किया कि ग्रुप अपने एविएशन पोर्टफोलियो को लेकर काफी गंभीर है। उन्होंने बताया कि अगले पांच वर्षों में सभी एयरपोर्ट्स पर 90,000 से एक लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा और यह योजना मजबूती से लागू रहेगी।
अदाणी मुंद्रा एयरपोर्ट ने क्षेत्रीय एयरलाइन 'स्टार एयर' के साथ साझेदारी करके मुंबई और गोवा के लिए अपनी पहली शेड्यूल्ड फ्लाइट सेवा शुरू की है। इसके अलावा, स्टार एयर मुंद्रा से कुल आठ नई हवाई सेवाएं शुरू करेगी, जो इसे हिंडन, सूरत, बेलगावी, बेंगलुरु, कोल्हापुर और नांदेड़ जैसे शहरों से जोड़ेगी। इससे व्यापारियों और पर्यटकों के लिए एक फास्ट-ट्रैक रूट तैयार होगा।
भारत सरकार जल्द ही 11 नए एयरपोर्ट्स के लिए निजी बोलियां आमंत्रित करने वाली है। जीत अदाणी ने कहा कि ग्रुप इस नीलामी में आक्रामक रूप से हिस्सा लेगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका लक्ष्य एविएशन इकोनॉमी के विकास में अपनी हिस्सेदारी को लगातार बढ़ाना है। फिलहाल ग्रुप के पास मुंबई, नवी मुंबई, अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, तिरुवनंतपुरम, मंगलुरु और गुवाहाटी सहित आठ एयरपोर्ट्स के संचालन का अनुभव है।
यह एयरलिंक कच्छ क्षेत्र को एक पूरी तरह से एकीकृत मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स और बिजनेस हब में बदल देगा। इससे भारत के सबसे बड़े निजी बंदरगाह (मुंद्रा पोर्ट) और सबसे बड़े बहु-उत्पाद विशेष आर्थिक क्षेत्र (मुंद्रा एसईजेड) के लिए अंतिम मील की कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। कंपनी का मानना है कि इससे व्यापारिक यातायात का प्रबंधन बेहतर होगा और राष्ट्रीय व वैश्विक सप्लाई चेन मजबूत होगी।
जीत अदाणी के अनुसार, पहले मुंद्रा से मुंबई जाने के लिए लोगों को दो-स्टॉप वाली यात्रा करनी पड़ती थी, लेकिन अब सीधी उड़ान से यह सफर बेहद आसान हो जाएगा। साथ ही, कच्छ के सांस्कृतिक स्थलों और मांडवी बीच जैसे इलाकों में पर्यटन को भी भारी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि अभी तक भुज जैसी हवाई पट्टियों से बहुत सीमित उड़ानें ही संचालित होती थीं।
मुंद्रा एयरपोर्ट का नया टर्मिनल रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार हुआ है। इसमें 1,900 मीटर लंबा रनवे है जो यात्री और कार्गो विमानों को संभालने में सक्षम है। आधुनिक टर्मिनल में चेक-इन काउंटर, विशाल पार्किंग, फूड कोर्ट, पैसेंजर लाउंज और व्हीलचेयर जैसी बेहतरीन सुविधाएं दी गई हैं। शुरुआत में यहां से क्षेत्रीय उड़ानें संचालित होंगी, लेकिन मांग बढ़ने पर रनवे को ए320 और 737 जैसे बड़े (नैरो-बॉडी) विमानों के लिए भी तैयार रखा गया है।