भारत के रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) सेक्टर ने एक ऐतिहासिक मील का पत्थर पार किया है। अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) ने गुजरात के खावड़ा में 3.37 गीगावाट प्रति घंटे क्षमता वाला बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। कंपनी के अनुसार, एक ही स्थान पर स्थापित यह दुनिया का सबसे बड़ा (चीन के बाहर) बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट है, और वैश्विक स्तर पर इसे सबसे तेज गति से निष्पादित किया गया है।
सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन की सबसे बड़ी सीमा यह है कि ये प्राकृतिक परिस्थितियों- जैसे सूरज की रोशनी और हवा- पर निर्भर होते हैं। ऊर्जा क्षेत्र के सामने असली चुनौती यह होती है कि क्या इस उत्पादित ऊर्जा को स्टोर करके उस समय सप्लाई किया जा सकता है, जब मांग अपने चरम पर हो?
अदाणी ग्रीन के इस ऊर्जा अवसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) विकास को निम्नलिखित आंकड़ों के माध्यम से समझा जा सकता है:
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अदाणी ग्रीन ने भविष्य के ऊर्जा लक्ष्यों को लेकर अपनी रणनीति साफ कर दी है। कंपनी ने ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में आक्रामक विस्तार योजनाएं बनाई हैं। अगले साल तक बैटरी क्षमता में 10 GWh की अतिरिक्त वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही, कंपनी ने अगले पांच वर्षों में 50 GWh का एक बड़ा महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।