अदाणी फाउंडेशन अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं की भी मदद कर रहा है। इससे महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने का मौका मिल रहा है। उन्ही महिलाओं में से एक शानदार उदहारण हैं शहनाज बानो। राजस्थान के बारां ज़िले की अटरू तहसील में बेस गाँव स्थित खेरली की शहनाज़ अदाणी फाउंडेशन की ओर से उस इलाके में आयोजित किये गए एक आजीविका विकास कैंप का हिस्सा बनीं। इस कैंप में महिलाओं को डेरी व्यवसाय में सशक्त बनने की ट्रेनिंग दी गई।
शहनाज़ का कहना है कि उसके गांव में कोई दूध कलेक्शन केंद्र नहीं था। पहले लोगों को यह तक नहीं पता था कि उनके पधुओं से मिल रहे अतिरिक्त दूध का क्या करना है? इससे पशुपालन के प्रति लोगों में निराशा थी। फिर जब फाउंडेशन ने हाड़ौती प्रगतिशील प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड बनाई, मैं उसकी बोर्ड मेंबर के रूप में उससे जुडी क्योंकि मुझे इस क्षेत्र में रूचि थी। मेरे बाद समुदाय की 33 महिलाएं FPO का हिस्सा बनीं।
अगस्त 2022 में शहनाज़ और उसकी टीम ने अपने गांव में एक दूध कलेक्शन केंद्र शुरू किया और धीरे धीरे और भी महिलाएं इस मुहीम का हिस्सा बनीं और अब व्यवसाय बहुत प्रगति कर रहा है।अदाणी फॉउंडेशन अदाणी समूह का सामुदायिक सहाय इकाई है जो भारतभर में सस्टेनेबल परिणामों को हासिल करने के लिए रणनीतिक सामाजिक निवेश के लिए समर्पित है।