अदाणी समूह की मूल कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने गुरुवार को चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी के अनुसार उसके शुद्ध लाभ में 7.5 गुना वृद्धि हुई है। यह इजाफा उपभोक्ता सामान कारोबार में हिस्सेदारी बेचने से हुए लाभ और सौर व विनिर्माण क्षेत्र में मजबूत वृद्धि के कारण हुआ है।
कंपनी के एक बयान के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही जनवरी से मार्च के दौरान उसे 3,845 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। एक साल पहले इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा 450.58 करोड़ रुपये था। लाभ में यह वृद्धि विल्मर में कंपनी की हिस्सेदारी बेचने से मिली 3,286 करोड़ रुपये की राशि के कारण हुई। विल्मर हिस्सेदारी बिक्री से एकमुश्त लाभ को समायोजित करने के बाद कंपनी का शुद्ध मुनाफा 1,313 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी के अनुसार उसका मजबूत प्रदर्शन इनक्यूबेटर व्यवसायों- सौर और पवन विनिर्माण और हवाई अड्डों के कारोबार में वृद्धि के कारण संभव हो पाया। तिमाही के दौरान इन दोनों व्यवसायों के लिए EBITDA में क्रमशः 73 प्रतिशत और 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई,। जिससे समेकित EBITDA चौथी तिमाही में 19 प्रतिशत बढ़कर 4,346 करोड़ रुपये हो गया। उभरते बुनियादी ढांचा व्यवसायों के इस प्रदर्शन ने कमोडिटी, मुख्य रूप से कोयले की कीमतों और मात्रा में गिरावट के कारण हुए नुकसान की भरपाई कर दी, जिसमें सालाना आधार पर 38 प्रतिशत की कमी आई। तिमाही के दौरान खनन व्यवसाय में वर्षवार आधार पर 30 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। पूरे वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) के लिए पिछले वित्त वर्ष के 3,240.78 करोड़ रुपये की तुलना में 7,099 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया गया।
समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, "अदाणी एंटरप्राइजेज में हम ऐसे व्यवसाय बना रहे हैं जो भारत के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र के लिए आगे का रास्ता तय करेंगे। वित्त वर्ष 2025 में हमारा शानदार प्रदर्शन पैमाने, गति और स्थिरता में हमारी ताकत का प्रत्यक्ष परिणाम है। हमारे इनक्यूबेटिंग व्यवसायों में प्रभावशाली वृद्धि, अनुशासित निष्पादन, भविष्य-केंद्रित निवेश और परिचालन उत्कृष्टता, नवाचार और स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता हमारी ताकत है।" उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे कंपनी अपने ऊर्जा कारोबार, हवाई अड्डों, डेटा केंद्रों और खनन सेवाओं का विस्तार कर रही है, वह बाजार के नए लीडर्स का निर्माण कर रही है। ये आने वाले दशकों में भारत की विकास कहानी को आगे बढ़ाएंगे।
कंपनी ने कहा कि वह अपनी सौर विनिर्माण क्षमता को 150 प्रतिशत या 6 गीगावाट बढ़ाकर 10 गीगावाट कर रही है। कंपनी ने क्षमता विस्तार के लिए पहले ही 5,500 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रबंध हासिल कर लिया है। कंपनी ने पवन ऊर्जा क्षमता को भी 1.5 गीगावाट से बढ़ाकर 2.5 गीगावाट कर दिया है। इससे आने वाली तिमाहियों में आय में वृद्धि होगी। हवाई अड्डों की बात करें तो अदाणी समूह के नियंत्रण वाले सातों हवाई अड्डों पर यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसने 12 नए मार्ग और आठ नई उड़ानें जोड़ी हैं। अपने हवाई अड्डों पर क्षमता विस्तार, अन्य विकास और उपभोक्ता सुविधाओं में वृद्धि के अलावा, एईएल नवी मुंबई हवाई अड्डों का भी संचालन करेगा।