अदाणी समूह की प्रमुख और फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2026) के अपने वित्तीय परिणाम जारी कर दिए हैं। कंपनी के नतीजों में एक बड़ा विरोधाभास देखने को मिला है, जहां एक तरफ परिचालन से कमाई में 75 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी का शुद्ध मुनाफा 55 प्रतिशत घटकर आधा रह गया है। रेवेन्यू में आए इस बड़े उछाल के बावजूद भारी-भरकम बेस इफ़ेक्ट और खर्चों में हुई 71 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि के कारण शेयर बाजार में कंपनी के शेयर दबाव में कारोबार करते दिखे।
चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (समेकित शुद्ध लाभ) सालाना आधार पर 55 फीसदी घटकर ₹1,492 करोड़ रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही (Q2 FY26) में कंपनी ने ₹3,304 करोड़ का लाभ कमाया था। मुनाफे में आई इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह कंपनी के बुनियादी कारोबार में आई सुस्ती नहीं, बल्कि पिछले साल का 'हाई बेस इफेक्ट' है।
जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही में अडानी एंटरप्राइजेज का ऑपरेशंस से राजस्व 75 प्रतिशत बढ़कर 37,216 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 21,248 रुपये करोड़ रहा था। हालांकि, राजस्व के साथ-साथ कंपनी की परिचालन लागत और कुल खर्चों में भी तेज वृद्धि दर्ज की गई है।
कंपनी के वित्तीय आंकड़ों के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
दूसरी तिमाही के नतीजे सामने आने के बाद शेयर बाजार में अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयरों में कोई बड़ा उत्साह देखने को नहीं मिला और शेयर में सुस्ती छाई रही। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी का शेयर 0.45 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ ₹2,478.70 के भाव पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान शेयर का निचला स्तर ₹2,443.85 और ऊपरी स्तर ₹2,499.85 दर्ज किया गया।
अदाणी एंटरप्राइजेज के दूसरी तिमाही के नतीजे यह दर्शाते हैं कि कोर बिजनेस में रेवेन्यू ग्रोथ और नेटवर्थ का दायरा काफी मजबूत हुआ है। हालांकि, पिछले साल मिले असाधारण लाभ के कारण शुद्ध मुनाफे में आई 55 फीसदी की गिरावट और कुल खर्च में 71 फीसदी की बढ़ोतरी ने अल्पावधि में शेयर की रफ्तार को धीमा किया है। आने वाली तिमाहियों में कंपनी का ध्यान अपने बढ़ते परिचालन खर्चों को नियंत्रित करने और ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार लाने पर केंद्रित रहेगा।