गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) में करीब 200 वस्तुओं पर कर की दरों में हुई कमी का लाभ ग्राहकों को तुरंत देना होगा। ऐसा नहीं करने वाले मुनाफाखोर दुकानदारों या कंपनियों पर सरकार अविलंब कार्रवाई करेगी। यह बात केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने कही। उनके मुताबिक, सभी राज्यों में इस तरह का तंत्र विकसित किया जा चुका है, जो मुनाफाखोरी पर लगाम लगाएंगे।
रामविलास पासवान ने कहा कि जीएसटी परिषद की गुवाहाटी में पिछले दिनों हुई बैठक में जिन पौने दो सौ वस्तुओं पर जीएसटी की दर 28 फीसदी से घटा कर 18 फीसदी की गई है और जिन अन्य वस्तुओं पर कर की दर घटाई गई है, उसके बारे में वित्त मंत्रालय ने बीते मंगलवार को ही अधिसूचना जारी कर दी गई।
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इसके बाद 15 नवंबर से नई कर की दरें लागू हो गई हैं। अब उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की तरफ से भी जरूरी अधिसूचना जारी की जा रही है, ताकि सामान बनाने वाले या बेचने वाले संशोधित दाम का स्टीकर अपने सामान पर चिपका सकें।
उन्होंने बताया कि जिन सामानों पर कर की दरें घटी हैं, उसका दाम अब कम हो गया है और घटे कर का लाभ अवश्य रूप से ग्राहकों को मिलना चाहिए। यदि कोई दुकानदार ऐसा नहीं कर रहा है, तो ग्राहक राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत करे, उस पर अविलंब कार्रवाई होगी।
दुकानदारों, कंपनियों को चेतावनी
पासवान ने दुकानदारों एवं कंपनियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जीएसटी में करों में कटौती का लाभ जनता तक नहीं पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसके लिए राज्यों में मुनाफाखोरी रोधी प्रधिकरण का गठन किया जा चुका है।
इसलिए कंपनियों और दुकानदारों से अपेक्षा है कि वे वस्तुओं के मूल्य में कटौती का लाभ आम जनता को पहुंचाएं। मुनाफाखोरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ग्राहकों से अपील की है कि वे भी जीएसटी की घटी दर का लाभ के बारे में दुकानदारों से पूछताछ करें और इसका लाभ नहीं देने वाले दुकानदारों की शिकायत अवश्य करें।