नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी ने चेतावनी दी है कि नई योजना VB-G RAM G में केंद्रीय फंडिंग की कटौती से गरीब राज्य पीछे छूट सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर राज्यों के पास बजट कम होगा, तो गरीबी मिटाने का मुख्य लक्ष्य ही अधूरा रह जाएगा।
VB-G RAM G: नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी ने केंद्र सरकार के विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM G) को लेकर बड़ी चिंता जताई है। सोमवार को हैदराबाद लिटरेरी फेस्टिवल (HLF) में बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना में केंद्र की ओर से मिलने वाली फंडिंग में कटौती का सबसे बुरा असर गरीब राज्यों पर पड़ सकता है।
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गरीब राज्यों की बढ़ेगी मुश्किल
अभिजीत बनर्जी के मुताबिक, MGNREGA की जगह लेने वाली इस नई योजना में केंद्रीय हिस्सेदारी कम की जा रही है। उन्होंने कहा कि V B G RAM G को लेकर जो बात मुझे सबसे ज्यादा परेशान कर रही है, वो है केंद्रीय फंडिंग के अनुपात में कमी। इसका सीधा मतलब यह है कि गरीब राज्य अब इस योजना पर कम खर्च कर पाएंगे। मनरेगा के साथ भी हमेशा से यही समस्या रही है कि गरीब राज्य उतना निवेश नहीं कर पाते।
गरीबी मिटाने के लक्ष्य को लग सकता है झटका
बनर्जी ने तर्क दिया कि अगर गरीब राज्य ही इस योजना पर कम खर्च करेंगे, तो गरीबी कम करने का मुख्य उद्देश्य ही खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो प्रोत्साहन तैयार किए गए हैं, वे गरीब राज्यों को और भी अक्षम बना रहे हैं। यह कदम गरीबी के खिलाफ लड़ाई में मददगार साबित नहीं होता दिख रहा।
पार्टी के भीतर से भी उठ रहे हैं सवाल?
नोबेल विजेता ने यह भी संकेत दिया कि यह बिल अभी पूरी तरह "स्थिर" नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस योजना को लेकर अभी काफी विरोध देखने को मिल रहा है। हैरानी की बात यह है कि खुद सत्ताधारी दल BJP के भीतर से भी कुछ लोग इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। बनर्जी ने कहा कि वह फिलहाल इस मुद्दे पर कोई अंतिम स्टैंड नहीं लेना चाहते, क्योंकि देखना होगा कि आने वाले समय में इसमें क्या बदलाव होते हैं।
क्या है V B G RAM G योजना?
बता दें कि विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह ली है। इसका मुख्य लक्ष्य एक ऐसा ग्रामीण विकास ढांचा तैयार करना है जो 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप हो।