देश में जल्द ही 25 अन्य हवाई अड्डों का परिचालन निजी हाथों में सौंप दिया जाएगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने इसकी तैयारियों को शुरू कर दिया है। पिछले साल देश के छह में से पांच हवाई अड्डों के परिचालन की जिम्मेदारी अडानी समूह को दी गई थी।
अथॉरिटी के चेयरमैन गुरुप्रसाद महापात्रा ने कहा कि अगले चरण में यह कार्य पूरा हो जाएगा। सरकार अबकी बार विदेशी कंपनियों को भी ऐसा करने के लिए मौका देगी। अभी सरकार ने छह में से तीन हवाई अड्डों को निजी हाथों में सौंपने के लिए कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। इसके लिए सलाहकारों की नियुक्ति कर दी गई है।
टाटा समूह अब हवाई अड्डे के संचालन बिजनेस में उतर गया है। अब समूह ने दिल्ली एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी जीएमआर में बड़ी हिस्सेदारी खरीद ली है। इसके लिए उसने दो अन्य कंपनियों के साथ मिलकर आठ हजार करोड़ का निवेश किया है।
टाटा समूह ने सिंगापुर की जीआईसी और एसएसजी कैपिटल मैनेजमेंट के साथ मिलकर यह निवेश किया है। इस निवेश के साथ ही दिल्ली एयरपोर्ट पर टाटा समूह की 20 फीसदी, जीआईसी की 15 फीसदी और एसएसजी कैपिटल की 10 फीसदी हिस्सेदारी हो जाएगी। तीनों कंपनियां अब 45 फीसदी हिस्सा अपने पास रखेंगी।
जीएमआर इस निवेश के बाद 18 हजार करोड़ रुपये की कंपनी हो जाएगी। इस डील के साथ ही टाटा समूह अब हवाई अड्डा संचालन के बिजनेस में भी उतर गया है।
अडानी समूह को अगले 50 सालों के लिए देश के पांच प्रमुख हवाई अड्डों की देखरेख का जिम्मा दे दिया है। अहमदाबाद, तिरुवनंतपुरम, लखनऊ, मंगलूरू और जयपुर हवाई अड्डों के परिचालन के लिए अडानी समूह ने सबसे ऊंची बोली लगायी थी।