फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आधार लिंक की डेडलाइन को 31 मार्च से बढ़ाने की तैयारी में UIDAI, SC के फैसले पर नजर

Tue, 16 Jan 2018 11:38 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
aadhaar
विज्ञापन

आधार नंबर को जारी करने वाली संस्था यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) जल्द ही इसकी डेडलाइन बढ़ा सकती है। अभी बैंक अकाउंट, पैन कार्ड, मोबाइल और अन्य सभी सोशल सिक्युरिटी स्कीम के लिए आधार को लिंक कराने की आखिरी तारीख 31 मार्च है। इसको अब आगे बढ़ाकर 1 अगस्त किया जा सकता है। 

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद बढ़ेगी डेडलाइन
यूआईडीएआई सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद डेडलाइन बढ़ाने पर विचार करेगा। इसके लिए यूआईडीएआई के अधिकारी आरबीआई, दूरसंचार नियामक प्राधिकरण और अन्य मंत्रालयों के साथ विचार-विमर्श करेगा। अभी पैन कार्ड और बैंक अकाउंट के लिए इनकम टैक्स एक्ट और पीएमएलए एक्ट के तहत आधार नंबर देना जरूरी कर दिया गया है। 

इसलिए बढ़ेगी डेडलाइन
यूआईडीएआई ने सोमवार को ही आधार डिटेल्स को और सुरक्षित करने के लिए एक और सेफ्टी फीचर लॉन्च करने की घोषणा की थी। यूआईडीएआई ने कहा है कि अब लोगों की आधार डिटेल्स को उनके चेहरे के जरिए भी मैच किया जा सकेगा।
विज्ञापन


इसके लिए अथॉरिटी ने अलग से एक सॉफ्टवेयर लॉन्च किया है, जो 1 जुलाई से प्रभावी हो जाएगा।  यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडेय ने इसकी जानकारी ट्वीट के माध्यम से दी। इसके लिए चेहरे के साथ ही ओटीपी, आंखों की पुतलियों या फिर फिंगरप्रिंट से मैच किया जा सकेगा।   

विज्ञापन

देना होगा केवल वर्चुअल नंबर

Aadhaar
आधार धारकों की निजता और सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए यूआईडीएआई आधार धारकों के लिए वर्चुअल आईडी लाने जा रहा है। यूआईडीएआई आधार कार्ड धारकों को वर्चुअल आईडी जारी करेगा। यूआईडीएआई के मुताबिक इससे आधार कार्ड धारकों को किसी भी सत्यापन के लिए अपने आधार नंबर देन की जरूरत नहीं पड़ेगी। सत्यापन के लिए उन्हें सिर्फ अपने वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल करना पड़ेगा। 

यूआईडीएआई की इस पहल का असर ये होगा कि इससे वो एजेंसी बाहर हो जाएंगी जो आधार नंबर स्टोरेज करती हैं। सभी एजेंसी को नई व्यवस्था को 1 जून 2018 तक लागू करना होगा। 

कुछ दिनों पहले ही एक अंग्रेजी अखबार ने अपनी खबर में आधार डाटा को बेचे जाने का दावा किया है। अखबार ने व्हॉट्सऐप पर एक गुमनाम विक्रेता से एक सेवा खरीदने का दावा किया है। यह विक्रेता मजह 500 रुपये अदा करने पर देश में अब तक बने 1 अरब आधार कार्ड की जानकारी को निर्बाध रूप से मुहैया कराता है। इस जानकारी में आधार कार्ड बनवाने वाले का नाम, पता, पिन नंबर, फोटो, फोन नंबर और ईमेल आईडी शामिल हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें