केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आठवें वेतन आयोग की चर्चाओं के बीच राज्य सरकारों के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के मन में अपनी सैलरी और पेंशन को लेकर कई सवाल हैं। आमतौर पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों को सबसे पहले वेतन आयोग का लाभ मिलता है, इसके बाद राज्य इसका अनुसरण करते हैं। आइए वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद राज्य कर्मचारियों के वेतन संशोधन से जुड़े कुछ प्रमुख सवालों के जवाब नीचे जानते हैं।
1. क्या राज्य सरकारें केंद्र के साथ ही वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करती हैं?
जरूरी नहीं है। आमतौर पर केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर केंद्र के कर्मचारियों को सबसे पहले लाभ मिलता है। इसके बाद राज्य सरकारें फैसला लेती हैं। नेक्सडिगम के पेरोल सर्विसेज डायरेक्टर, रामचंद्रन कृष्णमूर्ति के अनुसार, राज्यों के लिए केंद्र की सिफारिशों को अपनाने की कोई वैधानिक समय सीमा नहीं होती है।
2. राज्यों को सिफारिशें लागू करने में कितना समय लगता है?
यह हर राज्य की आर्थिक स्थिति पर निर्भर करता है। कृष्णमूर्ति बताते हैं कि कुछ राज्य छह महीने से एक साल के भीतर संशोधित वेतनमान अपना लेते हैं और मोटे तौर पर केंद्र के ढांचे का पालन करते हैं। हालांकि, अधिकतर राज्य वित्तीय प्रभाव का आकलन करने के लिए अपना खुद का वेतन आयोग बनाते हैं, जिसमें 1 से 3 साल तक का समय लग सकता है। सातवें वेतन आयोग के समय भी कुछ राज्यों ने 2020 या उसके बाद तक का समय लिया था।
3. क्या राज्यों के लिए केंद्र के वेतन आयोग को मानना अनिवार्य है?
नहीं, यह अनिवार्य नहीं है। राज्य अपनी अर्थव्यवस्था और बजट के अनुसार अपने स्वयं के वेतन आयोग गठित कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, केरल में अभी 11वां वेतन आयोग चल रहा है, कर्नाटक में सातवां और पंजाब में छठा वेतन आयोग लागू है।
4. क्या राज्य कर्मचारियों की सैलरी हाइक और फिटमेंट फैक्टर केंद्र जैसा ही होता है?
काफी हद तक समान होता है। ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन के मनजीत सिंह पटेल के अनुसार, अलग-अलग वेतन आयोग होने के बावजूद राज्यों और केंद्र का वेतन ढांचा लगभग एक जैसा ही रहता है। फिटमेंट फैक्टर के मामले में भी समानता देखी गई है। उदाहरण के लिए, सातवें केंद्रीय वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। वहीं, पंजाब के छठे वेतन आयोग में यह 2.59 और उत्तर प्रदेश में 2.57 था। हालांकि, राज्य इसे थोड़ा कम या ज्यादा कर सकते हैं।
5. राज्य कर्मचारियों को एरियर कब से मिलेगा?
आदर्श रूप से, कर्मचारियों को पिछले वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त होने के अगले दिन से एरियर मिलना चाहिए। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश में 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर, 2026 (स्रोत के अनुसार संभावित तिथि) को समाप्त हुआ, तो एरियर 1 जनवरी से लागू होना चाहिए। हालांकि, चूंकि आठवें वेतन आयोग की कार्यान्वयन तिथि अभी घोषित नहीं हुई है, इसलिए एरियर की तारीख केवल राज्य सरकार की घोषणा के बाद ही साफ होगी। राज्य सरकार के कर्मचारी भी वेतन संशोधन प्रक्रिया से गुजरते हैं, लेकिन यह प्रक्रिया केंद्र से थोड़ी धीमी हो सकती है। राज्य सरकारें एक समिति बनाती हैं, रिपोर्ट का अध्ययन करती हैं और फिर उसे लागू करती हैं, जो केंद्र की प्रक्रिया के समान ही है।