म्यूचुअल फंड उद्योग में चालू वित्त वर्ष के पहले दो महीनों अप्रैल और मई में 81 लाख नए निवेशक जुड़े हैं। लगातार वितरण प्रयासों और वितरण नेटवर्क के मजबूत होने के कारण ऐसा हुआ है। ज्यादातर निवेश 40 साल तक की उम्र के लोग कर रहे हैं। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार, मई अंत में म्यूचुअल फंड फोलियो की संख्या बढ़कर 18.6 करोड़ पहुंच गई। मार्च अंत में यह 17.78 करोड़ थी। मई में 45 लाख फोलियो की बढ़त हुई। अप्रैल में 36.11 लाख फोलियो जोड़े गए थे। कुल 81 लाख फोलियो में 61.25 लाख इक्विटी केंद्रित स्कीमों में खुले हैं। इससे इक्विटी स्कीमों के कुल फोलियो की संख्या 12.89 करोड़ की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है। म्यूचुअल फंड हाउस में कुल फोलियो में 69 फीसदी हिस्सा इन्हीं स्कीमों का है।
आंकड़ों के अनुसार, 2023 में हर माह औसत 22.3 लाख फोलियो जोड़े गए थे। इस साल यह दोगुना से भी ज्यादा बढ़ गया है। म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए अधिकांश नए निवेशक डिजिटल चैनलों का रास्ता अपना रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में फोलियो में उछाल जेन-वाई और जेन-जेड निवेशकों के कारण हुआ है। जेन वाई का मतलब 1981 से 1996 के बीच और जेन जेड का मतलब 1997 से 2012 के बीच पैदा होने वालों से है।
विदेशी निवेशकों ने 11,730 करोड़ के शेयर खरीदे
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने पिछले हफ्ते भारतीय बाजार में 11,730 करोड़ रुपये का निवेश किया है। घरेलू और वैश्विक बाजारों में तेजी के बीच इन निवेशकों ने खरीदारी की। हालांकि, इस पूरे महीने इन निवेशकों ने 3,064 करोड़ रुपये की निकासी की है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने घरेलू शेयर बाजारों में जून के पहले सप्ताह में 14,794 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। उस समय लोकसभा चुनाव नतीजों के कारण बाजार में भारी गिरावट आई थी।
हालांकि, पिछले हफ्ते सेंसेक्स ने दिन के कारोबार में 77,000 के आंकड़े को पार कर लिया था। मई में इन निवेशकों ने 25,586 करोड़ रुपये की निकासी की थी। अप्रैल में 8,700 करोड़ रुपये निकाले थे। उधर, सूचीबद्ध शीर्ष-5 कंपनियों की बाजार पूंजी पिछले हफ्ते 85,582 करोड़ बढ़ गई। एलआईसी की पूंजी सर्वाधिक 46,425 करोड़ बढ़ी है।