वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर
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सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि छोटे एवं मध्यम उद्योगों के लिए शुरू की गई 59 मिनट में ऋण योजना के तहत अब तक 60,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह योजना अभी शुरुआती चरण में है और इस दौरान छोटे एवं मध्यम उद्योगों के लिए 60,000 करोड़ रुपये का रिण उस क्षेत्र के लिए बड़ी सुविधा है।
घोटालों की संख्या में आई कमी
सरकार ने छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए 59 मिनट में ऋण देने की योजना शुरू की है और इसके लिए एक पोर्टल बनाया गया है। उन्होंने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद इस सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र में पारदर्शिता पर जोर दिया है जिससे फर्जीवाड़ा और घोटालों की संख्या में कमी आई है। उन्होंने कहा कि 2014 के पहले देश में 'फोन बैंकिंग' चलती थी लेकिन उनकी सरकार ने डिजिटल बैंकिंग पर जोर दिया है।
एनपीए में आई कमी
ठाकुर ने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों की वजह से न सिर्फ सार्वजनिक बैंकों की गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) में कमी आयी है बल्कि उनकी वसूली भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि 2013-14 में बैंकों की सकल एनपीए 8.96 लाख करोड़ रुपये था जो दिसंबर 2020 में घटकर 5.70 लाख करोड़ रुपये रह गया।
2.74 हजार करोड़ रुपये रही बैंकों की वसूली
उन्होंने कहा कि इस दौरान बैंकों की वसूली 2.74 हजार करोड़ रुपये रही। फर्जीवाड़ों में कमी आने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2013-14 में यह दर 1.01 फीसदी थी जो अब 0.23 फीसदी रह गई है। ठाकुर ने कहा कि सरकार सार्वजिनक क्षेत्र के बैंकों को प्रतिस्पर्धी और मजबूत बनाने पर जोर दे रही है। इसके लिए इन बैंकों में 4.38 लाख करोड़ रुपये का पुनर्पूंजीकरण किया गया है।