सेबी ने अपने ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली स्कोर्स के जरिये जून में 4,415 शिकायतों का निपटारा किया। नियामक को जून में 4,959 नई शिकायतें प्राप्त हुईं और महीने के अंत तक कुल 5,107 शिकायतें लंबित रहीं।
बाजार नियामक सेबी ने जून महीने में अपनी ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली SCORES के जरिए 4,415 शिकायतों का निपटारा किया। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। स्कोर्स एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जो निवेशकों को सूचीबद्ध कंपनियों और पंजीकृत मध्यस्थों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने और उन पर नजर रखने में सुविधा प्रदान करता है।
जून में 5,107 शिकायतें लंबित रही
सेबी द्वारा शुक्रवार को जारी सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, नियामक को जून में 4,959 नई शिकायतें प्राप्त हुईं। महीने के अंत तक कुल 5,107 शिकायतें लंबित रहीं, जो 31 मई तक लंबित 4,563 मामलों की तुलना में थोड़ी अधिक हैं।
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कार्रवाई रिपोर्ट की समयसीमा
नियामक ने यह भी बताया कि जून में कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत करने के लिए संस्थाओं से लिया गया औसत समाधान समय आठ दिन था। वहीं प्रथम स्तर की समीक्षा के तहत शिकायतों के लिए लिया गया औसत सयम चार दिन था।
कैसे होती है प्रक्रिया?
स्कोर्स 2.0 प्रणाली के तहत, शिकायतें स्वचालित रूप से संबंधित संस्थाओं को भेज दी जाती हैं। इन्हें 21 दिनों के भीतर जवाब देना होता है। अगर कोई निवेशक संतुष्ट नहीं है, तो उसके पास प्रथम स्तरीय समीक्षा के लिए 15 दिन का समय होता है।
इसी प्रकार का समीक्षा अवसर दूसरे स्तर पर नामित निकाय के पास उपलब्ध होता है, और इसके बाद सेबी के पास भी, जहां प्रत्येक स्तर पर शिकायत की समीक्षा के लिए 15 दिनों की समयसीमा निर्धारित है। अगर निवेशक ऑनलाइन विवाद समाधान (ODR) तंत्र को चुनता है, तो ऐसी शिकायतों को हल माना जाता है।
इन कंपनियों की शिकायतें तीन महीने से अधिक लंबित रही
शुक्रवार को एक अलग सार्वजनिक नोटिस में सेबी ने कहा कि एमसीएस शेयर ट्रांसफर एजेंट लिमिटेड और स्मार्टओनर कैपिटल ग्रोथ ट्रस्ट ऐसी संस्थाएं थीं, जिनकी निवेशकों की शिकायतें 30 जून तक तीन महीने से अधिक समय से स्कोर्स प्लेटफॉर्म पर लंबित थीं।