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FDI: पड़ोसी देशों से एफडीआई के 40-50 प्रस्ताव मंजूरी के लिए लंबित, दूसरे विकल्प की तलाश

Thu, 01 Jun 2023 05:59 AM IST
वीरेंद्र शर्मा बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सूत्रों ने बताया कि सरकार ने इन प्रस्तावों को तीन माह में क्लियर करने की बात कही थी, पर अब सात महीने बीत गए हैं। एमजी मोटर अपनी मुख्य कंपनी से पैसा जुटाने के लिए लगभग दो वर्षों से सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रही है। 
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एफडीआई - फोटो : pixabay
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विस्तार
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पड़ोसी देशों से भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के 40-50 प्रस्ताव मंजूरी के लिए लंबित पड़े हैं। इनमें चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, नेपाल, म्यांमार, भूटान और अफगानिस्तान हैं।
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सरकारी सूत्रों ने कहा, इन देशों को भारत में किसी भी क्षेत्र में निवेश के लिए सरकार से मंजूरी लेनी होगी। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के पास ये प्रस्ताव लंबित हैं। इन प्रस्तावों पर अभी तक कोई विचार शुरू भी नहीं हो पाया है। हालांकि, इन देशों से एफडीआई पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

सूत्रों ने बताया कि सरकार ने इन प्रस्तावों को तीन माह में क्लियर करने की बात कही थी, पर अब सात महीने बीत गए हैं। चीन की सबसे बड़ी वाहन निर्माता एसएआईसी मोटर कॉर्प के स्वामित्व वाली एमजी मोटर अपनी मुख्य कंपनी से पैसा जुटाने के लिए लगभग दो वर्षों से सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रही है। अब यह दूसरे विकल्प की तलाश में है। उपरोक्त देशों में सबसे अधिक एफडीआई भारत को चीन से मिला है जो तीन वर्षों में 2.5 अरब डॉलर रहा है।
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वैकल्पिक फसलों से बर्बाद हो जाएंगे किसान
विश्व स्वास्थ्य संगठन के तंबाकू की जगह वैकल्पिक फसलों को अपनाने की सलाह के खिलाफ किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। कई राज्यों के किसानों ने प्रधानमंत्री कार्यालय और वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा है कि डब्ल्यूएचओ से इस सलाह का प्रमाण मांगा जाए। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया फॉर्मर एसोसिएशन के अध्यक्ष जावरे गौड़ा ने कहा कि डब्ल्यूएचओ ने दावा किया है कि तंबाकू की फसल से कृषि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इससे वैश्विक खाद्य संकट भी पैदा हो रहा है।

आईटीआर-2 का ऑनलाइन फॉर्म जारी
आयकर विभाग ने इनकम टैक्स रिटर्न-2 के लिए ऑनलाइन फॉर्म जारी कर दिया है। इसे वित्त वर्ष 2022-23 और आकलन वर्ष 2023-24 के लिए भरा जा सकता है। इस फॉर्म को व्यक्तिगत या हिंदू अविभाजित परिवार भर सकते हैं, जो आईटीआर-1 (सहज) नहीं भरते हैं। आयकर विभाग ने बुधवार को जारी पत्र में कहा कि इस फॉर्म को वे लोग भर सकते हैं जिनकी सालाना कमाई 50 लाख रुपये से अधिक है और जिन्होंने संपत्ति या संपत्ति की बिक्री के माध्यम से कमाई की है।
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