कर्नाटक में मंत्रिमंडल ने कर्नाटक ग्राम स्वराज और पंचायत राज (संशोधन) विधेयक को भी मंजूरी दे दी है। सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल ने हेब्बल में कृषि विभाग की 4.24 एकड़ जमीन को अंतरराष्ट्रीय पुष्प नीलामी बंगलूरू (आईएफएबी) के लिए दो साल के लिए किराया मुक्त आधार पर देने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की।
कर्नाटक मंत्रिमंडल ने कर्नाटक सार्वजनिक खरीद पारदर्शिता (केटीपीपी) अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इसका मकसद मुस्लिम ठेकेदारों को निविदाओं में चार प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना है। आधिकारिक सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आ रही है।
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कर्नाटक ग्राम स्वराज और पंचायत राज (संशोधन) विधेयक को भी मंजूरी
कर्नाटक में मंत्रिमंडल ने कर्नाटक ग्राम स्वराज और पंचायत राज (संशोधन) विधेयक को भी मंजूरी दे दी है। सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल ने हेब्बल में कृषि विभाग की 4.24 एकड़ जमीन को अंतरराष्ट्रीय पुष्प नीलामी बंगलूरू (आईएफएबी) के लिए दो साल के लिए किराया मुक्त आधार पर देने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की।
96.77 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता को मंजूरी
जनवरी में आग लगने की घटना के बाद ‘बेंगलुरु बायोइनोवेशन सेंटर’ में उपकरणों के पुनर्निर्माण और प्रतिस्थापन के लिए 96.77 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता को मंजूरी देने पर भी चर्चा हुई।
केपीएससी में सुधार के उपायों पर भी चर्चा
सूत्रों ने बताया कि मंत्रिमंडल ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में सुधार के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि केपीएससी में सुधार के लिए उपाय सुझाने हेतु एक विशेषज्ञ समिति गठित करने तथा केपीएससी सदस्यों की नियुक्ति हेतु एक खोज समिति गठित करने का निर्णय लिया गया।
पानी के शुल्क में एक पैसा प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने की योजना
इससे पहले उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा था कि राज्य सरकार पानी के शुल्क में एक पैसा प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने की योजना बना रही है। उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि बंगलूरू में पानी के शुल्क में 2014 से संशोधन नहीं किया गया है। घाटे को देखते हुए 'बेंगलुरु वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड (बीडब्ल्यूएसएसबी)' ने प्रति लीटर सात से आठ पैसे की बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है।
कांग्रेस पर तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति करने का आरोप
मामले में भाजपा ने सरकार पर निशाना साधा। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह मुद्दा कर्नाटक का है, लेकिन इसके पूरे देश में निहितार्थ हैं। यह कांग्रेस और राहुल गांधी की मानसिकता को भी दर्शाता है। कर्नाटक सरकार ने बजट में सरकारी ठेकों में मुसलमानों के लिए 4% आरक्षण की सार्वजनिक घोषणा की है। उन्होंने कहा, 'कई बार हारने के बाद भी वे सबक नहीं सीख रहे हैं, कर्नाटक में यह आरक्षण राहुल गांधी के संरक्षण में बढ़ाया गया है। सिद्धारमैया के पास खुद यह घोषणा करने का साहस या राजनीतिक पूंजी नहीं है। राहुल गांधी को लगता है कि वे वोटबैंक की इस प्रतिस्पर्धी राजनीति से नेतृत्व कर सकते हैं। कांग्रेस तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति में जो नए मानक स्थापित कर रही है, वे राष्ट्र के लिए हानिकारक हैं।