2G Case: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 19 मार्च, 2018 को उच्च न्यायालय का रुख कर सभी आरोपियों को बरी करने के विशेष अदालत के दिसंबर 2017 के आदेश को चुनौती दी थी। एक दिन बाद सीबीआई ने भी आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि वह 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा, कारोबारी इकाइयों और अन्य को बरी किए जाने के खिलाफ सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अपीलों पर 28 अगस्त से रोजाना आधार पर सुनवाई शुरू करेगा। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार शर्मा ने जांच एजेंसियों के वकील की ओर से स्थगन के अनुरोध पर नाखुशी जाहिर की और निर्देश दिया कि मामले को दो सप्ताह बाद दलीलों के लिए सूचीबद्ध किया जाए।
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उन्होंने कहा, 'हम इस तरह कैसे जारी रखेंगे? हम इस तरह की तारीखें देना जारी नहीं रख सकते। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 19 मार्च, 2018 को उच्च न्यायालय का रुख कर सभी आरोपियों को बरी करने के विशेष अदालत के दिसंबर 2017 के आदेश को चुनौती दी थी। एक दिन बाद सीबीआई ने भी आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। यह मामला वर्तमान में 'अपील की अनुमति' के चरण में है, जो एक अदालत की ओर से किसी पक्ष को ऊपरी अदालत में फैसले को चुनौती देने के लिए दी गई औपचारिक अनुमति है। गुरुवार को अदालत से अनुरोध किया गया था कि अपील पर बहस के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष वकील की नियुक्ति का इंतजार करने के लिए सुनवाई सितंबर के अंत तक टाल दी जाए। हालांकि, अदालत ने टिप्पणी की कि चीजों को इस तरह से लटकाया नहीं जा सकता। अदालत ने ईडी के वकील से अपील की अनुमति के मुद्दे पर दलीलें शुरू करने को कहा।