एक साल की सुस्त सिंगल डिजिट ग्रोथ के बाद देश में भर्ती की रफ्तार दोबारा तेज हो गई है। इंडिया डिकोडिंग जॉब्स 2026 रिपोर्ट के अनुसार, इस साल नियुक्ति की मंशा 11% तक पहुंच गई है, जो पिछले साल के 9.75% से अधिक है। डिजिटल भर्ती प्लेटफॉर्म टैग्ड और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि बीएफएसआई, मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर आने वाले समय में रोजगार वृद्धि के प्रमुख चालक बनेंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, एआई अब न सिर्फ उद्योगों बल्कि भर्ती प्रक्रियाओं में भी बड़ा बदलाव ला रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 60 फीसदी भर्तीकर्ता अब रिज्यूम स्क्रीनिंग के लिए एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं 45 फीसदी इंटरव्यू ऑटोमेशन में इसका सहारा ले रहे हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वर्ष 2026 अनुभवी पेशेवरों का साल बनकर उभर रहा है। कंपनियां अब 6 से 15 वर्ष या उससे अधिक अनुभव वाले मिड और सीनियर लेवल प्रतिभाओं को प्राथमिकता दे रही हैं।
दिलचस्प बात यह है कि टियर-2 शहर भारत के जॉब मैप पर तेजी से उभर रहे हैं। इन शहरों से 2026 में कुल नौकरियों का 32 प्रतिशत हिस्सा आने का अनुमान है, क्योंकि कई वैश्विक क्षमता केंद्र लागत और प्रतिभा दोनों के लिहाज से इन शहरों में विस्तार कर रहे हैं।
महिला भर्ती के मोर्चे पर हालांकि स्थिति स्थिर दिख रही है। वित्त वर्ष 2026-27 में महिला हायरिंग का अनुमान 30 फीसदी पर बना हुआ है ,जो 2025 के स्तर के बराबर है, लेकिन 2024 के 36 फीसदी के मुकाबले कम है। रिपोर्ट में 21 उद्योगों के 300 से अधिक टैलेंट लीडर्स की राय शामिल की गई है, जो भारत की रोजगार और प्रतिभा परिदृश्य की डेटा-आधारित झलक पेश करती है।