साल 2025 में भारत के 11 नए स्टार्टअप यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हुए हैं। इससे इनकी कुल संख्या 73 हो गई है। एएसके प्राइवेट वेल्थ हुरुन इंडिया यूनिकॉर्न एंड फ्यूचर यूनिकॉर्न रिपोर्ट 2025 में यह बता कही गई है। देश के नए यूनिकॉर्न में एआई.टेक, नवी टेक्नोलॉजीज, रैपिडो, नेट्राडाइन, जंबोटेल और डार्विनबॉक्स शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में कई निवेशकों की ओर से फंडिंग गतिविधि देखी गई। पीक XV पार्टनर्स 42 स्टार्टअप्स में निवेश के साथ सबसे बड़े निवेशक बनकर उभरे।
रिपोर्ट में देश का सबसे मूल्यवान यूनिकॉर्न जेरोधा को बताया गया। इसकी वैल्यू करीब में 8.2 अरब डॉलर आंकी गई है। 7.5 अरब डॉलर वैल्यू रेजरपे व लेंसकार्ट की और 7 अरब डॉलर की वैल्यू ग्रो की रही। हुरुन की लिस्ट में वे क्रमश: दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं। ये कंपनियां सामूहिक रूप से 2,06,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार देती हैं। इनमें लेंसकार्ट, ऑफबिजनेस और फिजिक्सवाला कार्यबल के मामले में सबसे आगे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार सरकार की ओर से ऑनलाइन गेमिंग कानून लाए जाने के बाद ड्रीम11 और गेम्स24x7 सहित 4 स्टार्टअप यूनिकॉर्न की सूची से बाहर हो गए हैं। यूनिकॉर्न सूची से बाहर होने वाले अन्य दो आरएमजी स्टार्टअप गेम्सक्राफ्ट (3 करोड़ उपयोगकर्ता) और मोबाइल प्रीमियर लीग (9 करोड़) हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ड्रीम11 के 26 करोड़ यूजर्स हैं, जबकि गेम्स24x7 के 12 करोड़ यूजर्स हैं।
इसके अलावा, 'एएसके प्राइवेट वेल्थ हुरुन इंडिया यूनिकॉर्न एंड फ्यूचर यूनिकॉर्न रिपोर्ट 2025' में कहा गया है कि लोकप्रिय 'ज़ूपी' और 'विंजो गेम्स', जो यूनिकॉर्न नहीं थे, का मूल्यांकन भी कानून के कारण प्रभावित हुआ है। यूनिकॉर्न ऐसे स्टार्टअप होते हैं जिनका मूल्यांकन 1 अरब डॉलर से अधिक होता है।