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1 सितंबर 2026: रसोई, हवाई सफर और बैंकिंग से जुड़े 10 बड़े नियम बदल रहे, क्या जेब पर पड़ने वाला है चौतरफा भार?

Tue, 01 Sep 2026 04:56 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

1 सितंबर 2026 से लागू होने वाले बदलाव डिजिटल सुविधाओं और कड़े अनुशासन के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। समय रहते नियमों के प्रति सचेत न रहने पर गैस सब्सिडी रुकने, जीएसटी पंजीकरण निलंबित होने और आईटीआर पर भारी जुर्माना लगने जैसे वित्तीय झटके लग सकते हैं।
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एक सितंबर से कई नियमों में बदलाव - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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1 सितंबर 2026 से देश में आम आदमी के जीवन से जुड़े 10 बड़े नियम बदलने जा रहे हैं। रसोई गैस सब्सिडी, घरेलू बजट, डेबिट कार्ड, जीएसटी, डीमैट और लेट आईटीआर फाइलिंग पर होने वाले ये बदलाव आपकी जेब को सीधे प्रभावित करेंगे। आइए जानते हैं कि इस नए महीने की शुरुआत के साथ आपकी जिंदगी पर क्या असर पड़ने वाला है।

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1 सितंबर 2026 से होने वाले अहम बदलाव। - फोटो : amarujala.com

1. अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा में क्या बड़ा बदलाव होने जा रहा है?

भारत से विदेश जाने वालों के लिए इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर फिजिकल स्टैम्प लगाने की अनिवार्यता खत्म हो रही है। अब यात्री स्मार्टफोन में सुरक्षित ई-बोर्डिंग पास दिखाकर आसानी से इमिग्रेशन करा सकेंगे, जिससे समय बचेगा और हवाई अड्डों पर लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी। नए नियमों के तहत विदेश यात्रा पर जाने वाले यात्री अपने मोबाइल में ही इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास दिखा सकेंगे या फिर प्रिंटेड बोर्डिंग पास का इस्तेमाल भी कर पाएंगे। इससे एयरपोर्ट पर उन्हें अनावश्यक झंझट से मुक्ति मिलेगी।

1 सितंबर 2026 से होने वाले अहम बदलाव। - फोटो : amarujala.com

2. घरेलू पीएनजी कनेक्शन के लिए सरकार क्या नई योजना ला रही है?

पाइप वाली रसोई गैस (पीएनजी) को बढ़ावा देने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय नई प्रोत्साहन योजना शुरू कर रहा है। इसके तहत सिटी गैस वितरण कंपनियों को नए कनेक्शन जारी करने पर अतिरिक्त गैस कोटा मिलेगा, जिससे नए इलाकों में पीएनजी नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो सकेगा।

1 सितंबर 2026 से होने वाले अहम बदलाव। - फोटो : amarujala.com

3. एलपीजी ई-केवाईसी न कराने पर क्या नुकसान होगा?

बायोमेट्रिक ई-केवाईसी कराने की आखिरी तारीख 31 अगस्त थी, जो 1 सितंबर से प्रभावी हो रही है। जिन उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, उन्हें रसोई गैस पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी रुकने या सिलेंडर डिलीवरी में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

1 सितंबर 2026 से होने वाले अहम बदलाव। - फोटो : amarujala.com

4. रसोई गैस और हवाई ईंधन की कीमतों पर क्या असर होगा?

तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी और हवाई ईंधन (एटीएफ) की दरों की समीक्षा करती हैं। इसके तहत आज दिल्ली से पटना तक 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर के दाम में 9.50 रुपये की बढोतरी हुई है। कमर्शियल एलपीजी की कीमतें 19 किलो के सिलेंडर के लिए 2,738 रुपये से बढ़कर 2,747.50 रुपये हो गई हैं। 5 किलो के बाजार मूल्य वाले कुकिंग गैस एलपीजी सिलेंडर, जिसे 5 किलो एफटीएल कहा जाता है, की कीमत भी 762 रुपये से बढ़कर 764 रुपये हो गई है।हालांकि, घरेलू सिलिंडर के दामों में कोई इजाफा नहीं हुआ है।

दूसरी ओर, विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में मंगलवार को 5.46 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। 1 सितंबर को घोषित होने वाली नई दरों से जहां घरेलू रसोई का बजट प्रभावित हो सकता है, वहीं एटीएफ की कीमतों में बदलाव से हवाई टिकट के दाम भी बदल सकते हैं।

1 सितंबर 2026 से होने वाले अहम बदलाव। - फोटो : amarujala.com

5. जीएसटी बैंक अकाउंट लिंक न करने पर क्या कार्रवाई होगी?

टैक्स चोरी रोकने के लिए 1 सितंबर से जीएसटी पोर्टल पर बैंक खाता लिंक करना अनिवार्य है। नए व्यापारियों को पंजीकरण के 30 दिनों के भीतर खाता अपडेट करना होगा, अन्यथा उनका जीएसटी पंजीकरण निलंबित हो जाएगा और वे आउटवर्ड सप्लाई दाखिल नहीं कर पाएंगे।

1 सितंबर 2026 से होने वाले अहम बदलाव। - फोटो : amarujala.com

6. डीमैट और म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए क्या नया नियम है?

शेयर बाजार नियामक सेबी के नए निर्देशों के तहत, सभी नए सिंगल-होल्डर डीमैट और म्यूचुअल फंड फोलियो में नॉमिनी जोड़ना या 'ऑप्ट-आउट' करना अनिवार्य है। निवेश सुरक्षित रखने और भविष्य में क्लेम सेटलमेंट को आसान बनाने के लिए यह प्रक्रिया पूरी करना बेहद जरूरी है।

1 सितंबर 2026 से होने वाले अहम बदलाव। - फोटो : amarujala.com

7. एचडीएफसी बैंक डेबिट कार्ड की सीमा क्यों बदलने जा रही है?

एचडीएफसी बैंक 1 सितंबर से कार्ड कंट्रोल नियम लागू कर रहा है। यदि ग्राहकों ने कार्ड वेरिएंट की तय सीमा से अधिक एटीएम या ऑनलाइन लिमिट सेट कर रखी है, तो बैंक उसे ऑटोमैटिकली बेस वेरिएंट की सीमा पर रीसेट कर देगा, जिससे बड़ी खरीदारी पर ट्रांजैक्शन फेल हो सकता है।

1 सितंबर 2026 से होने वाले अहम बदलाव। - फोटो : amarujala.com

8. एक्सिस बैंक के डेबिट कार्ड का इस्तेमाल क्यों महंगा होगा?

एक्सिस बैंक डेबिट कार्ड पर नई नीतियां ला रहा है। इसके तहत डायनेमिक करेंसी कन्वर्जन (डीसीसी) लेनदेन पर 3.5% मार्कअप फीस वसूली जाएगी और कुछ कार्ड्स पर एज रिवॉर्ड प्रोग्राम बंद होने से विदेश में या अंतरराष्ट्रीय साइटों पर लेनदेन महंगा हो जाएगा।

1 सितंबर 2026 से होने वाले अहम बदलाव। - फोटो : amarujala.com

9. महाराष्ट्र, तमिलनाडु और सिक्किम से जुड़े क्या जरूरी बदलाव लागू हो रहे?

चारा महंगा होने के कारण डेयरी एसोसिएशनों (विशेषकर मुंबई के तबेला मिल्क एसोसिएशन) ने 1 सितंबर से दूध के दाम बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिसका सीधा असर जनता के दैनिक चाय-नाश्ते और मासिक राशन बजट पर पड़ेगा।

सिक्किम सरकार 1 सितंबर से पर्यटन से संबंधित कई सेवाओं के लिए डिजिटल-फर्स्ट सिस्टम अपनाएगी। पर्यटन और नागरिक उड्डयन विभाग ने कहा कि होटल और रिसॉर्ट, बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठान, सर्विस अपार्टमेंट, हॉलिडे होम, होमस्टे और रेस्तरां के पंजीकरण के लिए आवेदन सिंगल साइन-ऑन (एसएसओ) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा और संसाधित किए जाने होंगे। 

तमिलनाडु में शराब की खुदरा बिक्री पर सरकारी एकाधिकार रखने वाली संस्था 'टासमैक' (TASMAC) ने राज्यभर की दुकानों के लिए बड़ा एलान किया है। आगामी 1 सितंबर से राज्य की सभी खुदरा दुकानों में पुरानी कागजी प्रक्रिया समाप्त कर नई डिजिटल व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। इस प्रणाली के तहत दुकानों के सुपरवाइजरों को अपने स्टॉक की मांग केवल समर्पित हैंडहेल्ड डिवाइस (हाथ में पकड़े जाने वाले उपकरण) के माध्यम से भेजनी होगी। इस तकनीकी बदलाव का सबसे बड़ा फायदा सीधे आम ग्राहकों को मिलेगा, जिन्हें अब अपनी स्थानीय मांग और पसंद के आधार पर पसंदीदा ब्रांड आसानी से मिल सकेंगे।
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1 सितंबर 2026 से होने वाले अहम बदलाव। - फोटो : amarujala.com

10. आईटीआर दाखिल न करने पर 1 सितंबर से कितना जुर्माना लगेगा?

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए बिना ऑडिट वाले खातों का आईटीआर भरने की आखिरी तारीख 31 अगस्त थी। 1 सितंबर से लेट रिटर्न दाखिल करने पर करदाताओं को उनकी आय के आधार पर 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक का लेट फीस यानी जुर्माना भरना होगा। ये नियम उन करदाताओं पर लागू होंगे जो किसी कारोबार या पेशे से आय हासिल करते हैं और जिनके खातों का ऑडिट जरूरी नहीं है। 

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