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Wheat-Rice Export: बंपर पैदावार और आक्रामक खरीद से भरे गोदाम, देश में गेहूं-चावल का रिकॉर्ड स्टॉक

Wed, 17 Jun 2026 04:58 AM IST
निर्मल कांत बोनस डेस्क, नई दिल्ली।

सार

Wheat-Rice Export: गेहूं के दाम दिल्ली सहित देश के कई शहरों में तेजी से बढ़े हैं, जिसका कारण मजबूत निर्यात मांग और रिकॉर्ड सरकारी खरीद के चलते बाजार में आपूर्ति-मांग का संतुलन बदलना बताया जा रहा है। दूसरी ओर, चावल का सरकारी भंडार लक्ष्य से कई गुना अधिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। पढ़िए रिपोर्ट-
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गेहूं-चावल (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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बाजार में गेहूं के तेवर कड़े हो रहे हैं। राजधानी दिल्ली में अप्रैल में जो गेहूं 2550 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर था, वह 16 जून को बढ़कर 2700 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है। कीमतों में आई इस तेजी के पीछे दो बड़े कारण हैं। पहला है निर्यात में जोरदार उछाल। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में जहां देश से महज 6,448 टन गेहूं का निर्यात हुआ था, वहीं अप्रैल 2026 में यह आंकड़ा करीब सात गुना बढ़कर 45,162 टन पर पहुंच गया है। निर्यात की इस तेज रफ्तार ने घरेलू बाजार में कीमतों को समर्थन दिया है।
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दूसरा कारण है रिकॉर्ड तोड़ सरकारी खरीद। चालू फसल वर्ष 2025-26 में अच्छी मानसून बारिश के कारण देश में 12.06 करोड़ टन गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। सरकार ने इस साल 3.5 करोड़ टन गेहूं की खरीद की है, जिससे एक जून तक गेहूं का स्टॉक 5.34 करोड़ टन के साथ 2021 के बाद अपने पांच साल के उच्चतम स्तर पर जा पहुंचा है।

दो महीने में 6% महंगा हुआ गेहूं
मंडी 16 जून, 2026 का भाव 16 अप्रैल, 2026 का भाव
दिल्ली    2700 रुपये/क्विंटल     2550 रुपये/क्विंटल
कानपुर    2515 रुपये/क्विंटल     2377.50 रुपये/क्विंटल
इंदौर    2490 रुपये/क्विंटल     2400 रुपये/क्विंटल
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चावल का भंडार बढ़कर लक्ष्य से पांच गुना ज्यादा
फसल वर्ष 2025-26 में देश में 15.4 करोड़ टन चावल का उत्पादन हुआ है। एक जून तक सरकारी गोदामों में बिना पिसा हुआ धान मिलाकर चावल का कुल स्टॉक 6.84 करोड़ टन के सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। सरकार ने एक जुलाई तक आरक्षित भंडार का जो लक्ष्य तय किया था, वह महज 1.35 करोड़ टन था। यानी सरकार के पास तय लक्ष्य से पांच गुना से भी ज्यादा चावल का स्टॉक मौजूद है। भारत दुनिया के कुल चावल निर्यात में अकेले 40 फीसदी की हिस्सेदारी रखता है। जानकारों का कहना है कि अल नीनो की आशंकाओं के बावजूद, इस महा-स्टॉक के दम पर भारत बिना किसी डर के सप्लाई आक्रामक तरीके से जारी रख सकेगा।

केंद्रीय पूल में गेहूं का स्टॉक
वर्ष केंद्रीय पूल में गेहूं का स्टॉक
2026          534.14
2025          369.28
2024          299.05
2023          313.88
2022          311.42
2021          602.91

सोयाबीन के रकबे में बंपर बढ़त की उम्मीद
इस साल सोयाबीन के रकबे में तेज बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। किसानों और उद्योग जगत के अधिकारियों के मुताबिक, चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंची कीमतों और अल नीनो के कारण सामान्य से कम बारिश के अनुमानों ने किसानों को गन्ने और मक्के जैसी अधिक पानी वाली फसलों को छोड़कर इस तिलहन की ओर रुख करने के लिए प्रेरित किया है। भारतीय किसानों ने वर्ष 2025 में 1.2 करोड़ हेक्टेयर में सोयाबीन की बुवाई की थी, उम्मीद है कि इस साल इसका क्षेत्रफल 10 फीसदी तक बढ़ सकता है। पिछले महीने सोयाबीन की कीमतें 7,587 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गईं, जो चार साल का उच्चतम स्तर है। यह समर्थन मूल्य से काफी ऊपर है।
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