फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टर्म इंश्योरेंस या एंडोमेंट प्लान: आपके परिवार के लिए कौन-सा सुरक्षा कवच है सही? समझिए पूरा गणित

Mon, 06 Jul 2026 04:14 AM IST
अमन तिवारी निकुंज छग, संस्थापक एवं निदेशक, फ्लोरिच फिनसर्व

सार

टर्म इंश्योरेंस और एंडोमेंट प्लान दोनों की अपनी अलग भूमिका है। जहां टर्म प्लान कम प्रीमियम में बड़ा सुरक्षा कवर देता है, वहीं एंडोमेंट प्लान बीमा के साथ बचत का विकल्प प्रदान करता है। जानिए आपके वित्तीय लक्ष्यों और परिवार की जरूरतों के लिए कौन-सा विकल्प बेहतर हो सकता है।
विज्ञापन
टर्म इंश्योरेंस या एंडोमेंट प्लान : आपके परिवार के लिए कौन-सा सुरक्षा कवच है सही? - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अगर तेज बारिश में घर से निकलना है, तो हम छाता साथ ले जाते हैं, ताकि भीगें नहीं। जिस तरह से छाता बारिश से बचाता है, ठीक उसी तरह बीमा बुरे वक्त में आपके परिवार को मुश्किलों से बचाता है। लेकिन आज बाजार में इतने प्रकार के जीवन बीमा हैं कि हम उलझन में पड़ जाते हैं। टर्म इंश्योरेंस लें या एंडोमेंट प्लान, सबसे बड़ा सवाल है- कौन-सा बेहतर है?
विज्ञापन


बीमा और निवेश की उलझन दूर कीजिए
ज्यादातर लोग बीमा को निवेश का एक जरिया मानते हैं। गड़बड़ यहीं से शुरू होती है। बीमा का काम है, अगर आपको कुछ हो जाए, तो परिवार को पैसों के जरिये सुरक्षा देना। दूसरी तरफ निवेश का काम है, आपके पैसे को समय के साथ बढ़ाना, ताकि आप अपने जीवन के लक्ष्य हासिल कर सकें।

दोनों अलग-अलग काम हैं और दोनों ही जरूरी भी हैं। लेकिन बाजार में एजेंट्स हों या बैंक कर्मचारी अक्सर ऐसे प्लान बेचते हैं, जिनमें बीमा और निवेश दोनों का साथ होता है। दिक्कत यह है कि जब दोनों काम एक ही प्लान में मिला दिए जाते हैं, तो न पूरी सुरक्षा मिलती है और न अच्छी कमाई। ऐसा प्लान दोनों तरफ से कमजोर रह जाता है।
विज्ञापन


सुरक्षा और निवेश अलग क्यों रखें?
एक आसान उदाहरण से समझते हैं- मान लीजिए आप दाल और चावल एक ही बर्तन में एक साथ पकाएं, तो न दाल ठीक से बनेगी और न चावल। इसलिए हमेशा दोनों चीजों को अलग-अलग बर्तन में पकाते हैं, ताकि दोनों स्वादिष्ट बनें। पैसों के साथ भी यही बात है। परिवार की सुरक्षा के लिए टर्म इंश्योरेंस होना चाहिए और लक्ष्य हासिल करने के लिए म्यूचुअल फंड जैसे साधनों में अलग से निवेश कीजिए। इससे कम खर्च में बड़ी सुरक्षा और बेहतर कमाई, दोनों एक साथ मिलते हैं। समझदार परिवार यही रास्ता चुनते हैं।

किसे चुनना चाहिए टर्म इंश्योरेंस और क्यों?
यदि परिवार के किसी सदस्य पर जिम्मेदारी है, तब टर्म इंश्योरेंस उसके लिए सबसे जरूरी है। घर के हर कमाने वाले सदस्य को यह जरूर प्लान लेना चाहिए, क्योंकि आज के समय में एक से ज्यादा सदस्य का कामना आवश्यक हो गया है।

ये भी पढ़ें: Flexi Cap Fund: बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच क्यों बढ़ रहा फ्लेक्सी-कैप फंड का क्रेज? जानिए निवेश की सही रणनीति

टर्म इंश्योरेंस में बहुत कम पैसे में बड़ा रिस्क कवर मिलता है, जिससे आपके न रहने पर भी परिवार में आने वाले लक्ष्य हासिल किए जा सकें। जो पैसा प्रीमियम में बचता है, उसे आप म्यूचुअल फंड में लगाकर बच्चों की पढ़ाई या अपना घर जैसे बड़े सपने आसानी से पूरे कर सकते हैं।

एंडोमेंट प्लान किसके लिए और कब बेहतर?
एंडोमेंट प्लान उन लोगों के लिए ठीक है, जो बाजार के उतार-चढ़ाव के साथ नहीं जाना चाहते। जो पूरी तरह सुरक्षित, गारंटी वाली बचत चाहते हैं। जो आत्मसंयम से बचत नहीं कर पाते, उनके लिए यह जबरन बचत की एक अच्छी आदत बना देता है। लेकिन एक बात हमेशा याद रखें, इसे परिवार की सुरक्षा का मुख्य साधन कभी न बनाएं, क्योंकि इसमें सुरक्षा कवच छोटा रहता है और यह जिम्मेदारी अकेले नहीं संभाल सकता।
विज्ञापन


भावना में आकर न लें फैसला  
पैसों के फैसले भावना में बहकर नहीं, समझदारी से लेने चाहिए। पहले परिवार की सुरक्षा पक्की कीजिए, फिर निवेश की ओर बढ़िए।
सही जानकारी और सही सलाह के साथ चुना गया रास्ता ही आपके परिवार को सही मायने में आगे बढ़ने, सुरक्षित रहने और खुशहाल होने की ओर ले जाता है।

टर्म इंश्योरेंस के फायदे
  • बेहद कम प्रीमियम में बड़ी सुरक्षा मिलती है। (जैसे 1 करोड़ रुपये तक)।
  • समझने में आसान और सीधा-सादा प्लान।
  • मुश्किल समय में परिवार को बड़ी रकम एकमुश्त
  • प्रीमियम पर आयकर में छूट का लाभ।
  • जरूरत के हिसाब से राइडर (गंभीर बीमारी, दुर्घटना) जोड़ने की सुविधा।
नुकसान
  • जीते-जी आपको कोई पैसा वापस नहीं मिलता।
  • इसमें बचत या निवेश का कोई हिस्सा नहीं।
  • यदि आपने समय पर प्रीमियम नहीं भरा, तो कवर बंद हो जाएगा।
  • उम्र बढ़ने के बाद नया प्लान लेना महंगा।
  • कई लोगों को लगता है पैसा बेकार गया, जबकि यह सुरक्षा की कीमत है।
एंडोमेंट प्लान के फायदे
  • बीमा के साथ-साथ बचत भी होती रहती है।
  • मैच्योरिटी पर जमा पैसा वापस मिलता है।
  • बचत की अच्छी आदत अपने आप बन जाती है।
  • रिटर्न लगभग तय होता है, जोखिम कम रहता है।
  • प्रीमियम और मैच्योरिटी, दोनों पर टैक्स लाभ।
नुकसान
  • प्रीमियम बहुत ज्यादा, पर सुरक्षा कवच छोटा।
  • रिटर्न कम (सालाना करीब 4-6%), जो अक्सर महंगाई से भी नीचे रहता है।
  • पैसा लंबे समय के लिए फंस जाता है।
  • बीच में प्लान बंद करने पर नुकसान होता है।
  • सुरक्षा और निवेश, दोनों काम अधूरे रह जाते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें