त्योहारी सीजन में दालों की बढ़ती मांग और कीमतों को काबू में रखने के लिए सरकार अक्तूबर के अंत तक 1.9 लाख टन मूंग बाजार में उतारेगी। नैफेड के पास 2026 के बफर स्टॉक में भी 3.90 लाख टन मूंग मौजूद है। ऐसे में क्या सरकार के इस कदम से बाजार में दालों की आपूर्ति बढ़ेगी और कीमतों पर लगाम लगेगी? पढ़िए रिपोर्ट
त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में दालों की बढ़ती मांग और कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नैफेड) अब अपने बफर स्टॉक से भारी मात्रा में दालें खुले बाजार में बेचेगा। इसके लिए नैफेड के विभिन्न केंद्रों को सख्त निर्देश जारी किए जाने के साथ ही एक निश्चित डेडलाइन भी तय कर दी गई है।
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योजना के मुताबिक, सरकार ने अक्तूबर के अंत तक लगभग 1.9 लाख टन मूंग बाजार में उतारने का लक्ष्य रखा है, जिससे त्योहारी सीजन में ग्राहकों और खुदरा बाजारों को पर्याप्त आपूर्ति मिल सके। सूत्रों के अनुसार, अक्तूबर में जारी की जाने वाली 1.9 लाख टन मूंग साल 2025 में तैयार किए गए बफर स्टॉक का हिस्सा है, जिसे तकनीकी कारणों से पहले नहीं निकाला जा सका था।
इसके अलावा, नैफेड के पास 2026 में तैयार किया गया लगभग 3.90 लाख टन मूंग का नया बफर स्टॉक भी मौजूद है। मांग और कीमतों के रुख को देखते हुए सरकार जरूरत पड़ने पर इस स्टॉक का भी इस्तेमाल कर सकती है। वहीं, 2025 के बफर स्टॉक की सोयाबीन दाल की बिक्री पिछले हफ्ते की जा चुकी है।