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जियो प्लेटफॉर्म आईपीओ: 1,065-1,119 रुपये हो सकता है मूल्य दायरा, 21 अक्तूबर को खुल सकता है सब्सक्रिप्शन

Sat, 10 Oct 2026 07:38 PM IST
कुमार विवेक बोनस डेस्क, नई दिल्ली

सार

जियो प्लेटफॉर्म्स इस आईपीओ के तहत 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है। इस इश्यू के जरिये कंपनी निचले स्तर पर पर लगभग 28,755 करोड़ रुपये और ऊपरी स्तर पर करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटा सकती है। इस बारे में आधिकारिक सूचना जल्दी की जारी की जा सकती है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं। 
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जियो आईपीओ - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
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रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज यूनिट, जियो प्लेटफॉर्म्स लि ने अपने आगामी सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए शेयरों की कीमत 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय की है। हालांकि, कंपनी ने अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है। जियो का यह आईपीओ सितंबर में एनएसई के हाई-प्रोफाइल लिस्टिंग के बाद आ रहा है। अंतिम निर्गम आकार आरएचपी में दी गई शर्तों पर निर्भर करेगा।

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जियो प्लेटफॉर्म्स इस आईपीओ के तहत 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है। इस इश्यू के जरिये कंपनी निचले स्तर पर पर लगभग 28,755 करोड़ रुपये और ऊपरी स्तर पर करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटा सकती है। यदि प्रस्तावित मूल्यांकन हासिल हो जाता है तो पोस्ट-मनी आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का मूल्यांकन कम से कम 10.3 लाख करोड़ रुपये हो सकता है। इस आधार पर यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम साबित हो सकता है।

एक सफल लिस्टिंग जियो प्लेटफॉर्म्स को बाजार मूल्य के लिहाज से देश की शीर्ष चार सूचीबद्ध कंपनियों में शामिल कर देगी, जो अपनी मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज, प्रतिद्वंद्वी भारती एयरटेल और देश के सबसे बड़े प्राइवेट कर्जदाता एचडीएफसी बैंक के ठीक पीछे होगी। सूत्रों के मुताबिक जियो का आईपीओ 21 अक्तूबर को सार्वजनिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। एंकर निवेशकों के लिए बोलियां 19 अक्तूबर को खुलेंगी। जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर 28 अक्तूबर को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होंगे। 
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मौजूदा निवेशकों को नहीं मिलेगा पैसा
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश शेयरों पर आधारित है, यानी इसमें कोई ऑफर फॉर सेल नहीं होगा। इसका मतलब है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज, मेटा की सहयोगी कंपनी जादहू होल्डिंग्स और गूगल इंटरनेशनल जैसी मौजूदा कंपनियां इस आईपीओ में अपने शेयर नहीं बेचेंगी।

कर्ज चुकाने में इस्तेमाल होगी राशि
आईपीओ से मिलने वाली राशि का एक बड़ा हिस्सा इसकी टेलीकॉम सब्सिडियरी रिलायंस जियो इन्फोकॉम से जुड़े कर्ज को चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि बाकी फंड का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए होगा।

ड्राफ्ट दस्तावेजों के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की लगभग 66.4 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि मेटा की जादहू होल्डिंग्स के पास 9.98 फीसदी और गूगल इंटरनेशनल के पास 7.73 फीसदी हिस्सेदारी है। 

भारत में अब तक के सबसे बड़े आईपीओ 
कंपनी                              इश्यू साइज           वर्ष

हुंडई मोटर इंडिया             27,858.75          2024
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज       22,561.57         2026  
एलआईसी ऑफ इंडिया      20,557.23         2022
पेटीएम (वन97)               18,300.00          2021
वोडाफोन आइडिया          18,000.00          2024
टाटा कैपिटल                   15,511.87          2025
कोल इंडिया                     15,200.00          2010
येस बैंक                          15000.00          2020
एचडीबी फाइनेंशियल         12,500.00        2025  
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स            11607.01         2025 

आरआइएल शेयरधारकों के लिए मौका
यह आईपीओ रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरधारकों के लिए भी बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इससे टेलीकॉम और डिजिटल बिजनेस की स्पष्ट बाजार कीमत सामने आएगी। सेबी के नियमों के अनुसार, इश्यू का एक हिस्सा पात्र आरआइएल शेयरधारकों के लिए आरक्षित किया जा सकता है, जिसकी सटीक जानकारी अंतिम दस्तावेजों में सामने आएगी। जियो ने पिछले एक दशक में टेलीकॉम, ब्रॉडबैंड, एआई, क्लाउड और डिजिटल सेवाओं में अभूतपूर्व विस्तार किया है।

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