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एकीकृत बीमा: कई पॉलिसियों की उलझन का आसान समाधान, समय भी बचेगा और सुरक्षा भी बढ़ेगी

Mon, 08 Jun 2026 06:31 AM IST
शिवम गर्ग नितिन पांडे, निदेशक, इंस्टा पॉलिसी इंश्योरेंस ब्रोकिंग

सार

एकीकृत बीमा समाधान ग्राहकों को जीवन, स्वास्थ्य और मोटर बीमा जैसी कई पॉलिसियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर प्रबंधित करने की सुविधा देता है। यह समय बचाने के साथ बेहतर वित्तीय सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है।

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एकीकृत बीमा (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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ऑफिस जा रहे आशीष ने जैसे ही मोबाइल पर आए मैसेज को देखा, पसीना छूट गया। काम की व्यस्तता और समय की कमी के चलते आशीष अपनी जीवन बीमा पॉलिसी का प्रीमियम भरना ही भूल गए, जिससे पॉलिसी लैप्स होने वाली थी। आशीष अकेले नहीं हैं। आज हर किसी के पास जीवन, स्वास्थ्य, मोटर मिलाकर दो से ज्यादा बीमा पॉलिसियां हैं। ऐसे में अलग-अलग पॉलिसियों का रिकॉर्ड रखना, प्रमियम की तारीख याद रखना और समय पर रिन्यूअल कराना बड़ी सिरददी बन जाता है। अब इसी समस्या का स्थायी इलाज करने के लिए बीमा जगत में एक नई और आधुनिक अवधारणा तेजी से उभर रही है, जिसे एकीकृत बीमा समाधान कहा जाता है।
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क्या है एकीकृत बीमा समाधान ?
एकीकृत बीमा पॉलिसी का अर्थ है, ग्राहक की विभिन्न बीमा जरूरतों को एक ही पॉलिसी स्ट्रक्चर के अंतर्गत प्रबंधित करना। इसमें जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा, मोटर बीमा, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, घर का बीमा और अन्य सामान्य बीमा कवर को एक साथ जोड़ा जा सकता है। हालांकि भारत में अभी ऐसी एकल पॉलिसी का चलन बहुत सीमित है। मौजूदा समय में एचडीएफसी लाइफ, एचडीएफसी इर्गों जनरल इंश्योरेंस, आईसीआईसीआई - पूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड, बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस, टाटा एआईए लाइफ और एसबीआई लाइफ जैसी कुछ ही बीमा कंपनियां बंडल्ड या एकीकृत बीमा समाधान प्रदान कर रही हैं। यहां ग्राहक अपनी विभिन्न पॉलिसियों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म या एक ही रिलेशनशिप के अंतर्गत संचालित कर सकते हैं।

एकीकृत व्यवस्था के पांच सबसे बड़े फायदे
  1. इसमें अपने ग्राहक को जानो (KYC) और संपर्क विवरण एक बार दर्ज होने के बाद सभी उत्पादों में उपयोग कर लिए जाते हैं, जिससे कागजी औपचारिकताएं कम हो जाती हैं। इस फ्रेमवर्क के भीतर आप पति-पत्नी, बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता की जोखिम सुरक्षा को एक साथ प्लान कर सकते हैं, जिससे परिवार का कोई भी सदस्य बिना सुरक्षा के नहीं छूटता।
  2. जब आपके सभी कवर एक ही पॉलिसी में होंगे, तो आपको यह आकलन करने में आसानी होती है कि आपके पास कुल कितना जीवन कवर या स्वास्थ्य कवर है। इससे आप जरूरत से, ज्यादा या कम बीमा लेने की गलती से बच जाते हैं।
  3. कई बार बीमा कंपनियां एक से अधिक उत्पाद लेने पर मल्टी-पॉलिसी डिस्काउंट या लॉयल्टी लाभ देती हैं। साथ ही, परिचालन लागत कम होने के कारण ग्राहकों को मुफ्त हेल्थ चेकअप या रोडसाइड असिस्टेंस जैसी सुविधाएं मिल जाती हैं। इससे लंबी अवधि में बड़ा लाभ हो सकता है। 
क्या इससे प्रीमियम सीधे कम हो जाता है?
यह जानना बेहद जरूरी है कि केवल सभी पॉलिसियों को एक पॉलिसी में समाहित करने से प्रीमियम स्वतः कम नहीं होता। प्रीमियम हमेशा आपकी आयु, स्वास्थ्य स्थिति, बीमित राशि और जोखिम के स्तर पर ही निर्भर करता है। हालांकि, कंपनियों की प्रशासनिक लागत घटने का कुछ अप्रत्यक्ष लाभ ग्राहक को मिल सकता है।

पारंपरिक बीमा व्यवस्था से यह कैसे अलग है?
 
विशेषताएं पारंपरिक बीमा व्यवस्था एकीकृत बीमा मॉडल
पॉलिसी का प्रबंधन प्रत्येक जरूरत के लिए अलग कंपनी, अलग उस्तादेन, अलग-अलग भागदौड़। एक केंद्रीकृत व्यवस्था, सभी बीमा कवर एक ही पॉलिसी में समाहित।
प्रीमियम, रिन्यूअल हर पॉलिसी की अलग रिन्यूअल तारीख, जिससे भूलने और पॉलिसी टूटने का भारी जोखिम। एक पॉलिसी होने से बेहतर ट्रैकिंग, जिससे पॉलिसी लैप्स होने का खतरा न के बराबर।
दावा प्रक्रिया दुर्घटना या बीमारी के समय अलग-अलग कंपनियों के काउंटरों के चक्कर काटना। समर्पित सहायता या रिलेशनशिप मैनेजर के जरिये दावों के निपटान में बड़ी सहूलियत ।
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किनके लिए बेहतर है एकीकृत बीमा कवर?
  • नौकरीपेशा, पेशेवरः जिनके पास कई प्रकार की पॉलिसियां हैं और समय की कमी रहती है।
  • व्यवसायी और उद्यमी: जिन्हें अपने परिवार, व्यवसाय, वाहन और संपत्तियों के लिए अलग-अलग बीमा कवर की आवश्यकता होती है।
  • उच्च आय वर्ग: जिनके पास कई वाहन, निवेश और संपत्तियां हैं और वे एक केंद्रीकृत जोखिम प्रबंधन चाहते हैं।
  • वरिष्ठ नागरिक वाले परिवारः जहां बच्चों को माता-पिता सहित पूरे परिवार की बीमा जरूरतों को व्यवस्थित तरीके से संभालना होता है।
बरतें ये सावधानियां
  • केवल सुविधा के आधार पर निर्णय न लें।
  • प्रत्येक कवर की शर्तों को अलग-अलग समझें। 
  • सम इंश्योर्ड और कवरेंज पर्याप्त है या नहीं, इसकी जांच करें।
  • केवल डिस्काउंट देखकर पॉलिसी न खरीदें।
  • क्लेम सेटलमेंट रिकॉर्ड और ग्राहक सेवा की गुणवत्ता पर भी ध्यान दें।
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