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Wheat Price: रिकॉर्ड उत्पादन और सरकारी खरीद से मंडियों में टूटा गेहूं का भाव, किसानों की आमदनी पर संकट गहराया

Thu, 04 Jun 2026 07:43 AM IST
शिवम गर्ग बोनस डेस्क, नई दिल्ली

सार

देश में रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन और सरकार की बंपर खरीद के चलते मंडियों में कीमतें लगातार गिर रही हैं। बढ़े हुए सरकारी स्टॉक और कमजोर निजी मांग ने बाजार संतुलन बिगाड़ दिया है।

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मंडी में लगी गेहूं की ढेरी। - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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देश में इस साल गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन और उम्मीद से अधिक सरकारी खरीद ने मंडियों का समीकरण पूरी तरह बदल दिया है। सरकार की गेहूं खरीद 2026-27 के रबी विपणन सत्र में 17 फीसदी बढ़कर 3.5 करोड़ टन से अधिक हो गई है। यह 3.45 करोड़ टन के तय लक्ष्य और पिछले वर्ष के तीन करोड़ टन के स्तर दोनों से अधिक है।

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एक तरफ जहां सरकारी गोदाम गेहूं से पट रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मंडियों में बंपर आवक और व्यापारियों की कमजोर दिलचस्पी के कारण गेहूं की कीमतों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि खुली मंडियों में भाव टूटने से किसानों की नकद कमाई प्रभावित होगी, जिससे पहले से ही सुस्त ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दबाव और ज्यादा बढ़ सकता है।

कटाई के समय (मार्च-अप्रैल) हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण इस साल गेहूं की चमक एवं दानों को नुकसान पहुंचा था। इस वजह से निजी मिलर्स और बड़े व्यापारी खराब गुणवत्ता वाले गेहूं को महंगे दामों पर खरीदने के इच्छुक नहीं दिखे। दूसरी तरफ, कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस फसल वर्ष (2025-26) में देश में गेहूं उत्पादन बढ़कर 12.06 करोड़ टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान है, जो पिछले साल के 11.79 करोड़ टन से अधिक है। बंपर उत्पादन और बाजार की सुस्ती के चलते पिछले एक महीने में देशभर के विभिन्न मंडियों में गेहूं की कीमतों में करीब 2.5 फीसदी तक की गिरावट आ चुकी है।
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सरकार के पास रिकॉर्ड स्टॉक
सरकार का गेहूं स्टॉक पिछले साल के 356.72 लाख टन से बढ़कर 427.98 लाख टन हो गया है, जो अब केंद्रीय पूल में 5.13 करोड़ टन के मजबूत स्तर पर पहुंच चुका है। यह जुलाई के अनिवार्य बफर मानक 2.75 करोड़ टन से काफी अधिक है।


राज्यवार गेहूं खरीदारी
राज्य 2026-27 (लाख टन) 2025-26 (लाख टन) बढ़ोतरी (%)
पंजाब 121.63 119.23 2.0%
हरियाणा 81.20 70.82 14.7%
मध्य प्रदेश 104.36 77.75 34.2%
राजस्थान 24.31 18.79 29.4%
उत्तर प्रदेश 17.20 10.24 67.9%

एक महीने में गिरे गेहूं के भाव
मंडी 5 मई (₹/क्विंटल) 3 जून (₹/क्विंटल)
दिल्ली 2,716 2,680
कानपुर 2,517 2,505
इंदौर 2,543 2,495
राजकोट 2,460 2,400

सीमित दायरे में रहेगा भाव
एग्रोकॉर्प इंटरनेशनल के रिसर्च हेड इंद्रजीत पॉल ने कहा, अल्पावधि में भाव सीमित दायरे में रहेगा। कीमतों में बड़ी तेजी की एकमात्र उम्मीद निर्यात से है, लेकिन रूस और यूक्रेन के मुकाबले भारतीय गेहूं अभी महंगा है, जिससे बड़े निर्यात की उम्मीद कम है।

ग्रामीण मांग पर दिखेगा असर
दाम गिरने और सरकार के 67 फीसदी गेहूं खरीदने से किसानों को उपज की वह कीमत नहीं मिल पाई, जो पिछले वर्षों में निजी व्यापारियों से मिलती थी। किसानों की जेब में कम पैसा पहुंचने का सीधा असर ग्रामीण इलाकों में रोजमर्रा के सामान जैसे ट्रैक्टर और टू-व्हीलर की बिक्री पर पड़ सकता है। इससे ग्रामीण बाजार में सुस्ती गहराएगी।
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