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एक्सप्लेनर: साइबर सिक्योरिटी कंपनी ईमुद्रा में बड़ी सुरक्षा चूक, आपकी डिजिटल पहचान और लेन-देन कितना सुरक्षित?

Sat, 24 Oct 2026 05:25 AM IST
शिवम गर्ग बोनस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • पिछले कुछ दिनों से टेक और शेयर बाजार की दुनिया में ईमुद्रा का नाम चर्चा के केंद्र में है।
  • इंटरनेट सुरक्षा से जुड़ा एक मामला सामने आने के बाद इस कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
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साइबर सिक्योरिटी कंपनी ईमुद्रा में बड़ी सुरक्षा चूक - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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डिजिटल ट्रस्ट और साइबर सिक्योरिटी कंपनी 'ई-मुद्रा'एक प्रमाणन अथॉरिटी के रूप में काम करती है। आसान शब्दों में कहें तो यह कंपनी डिजिटल सिग्नेचर और वेबसाइट्स के लिए सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी करती है, जिनकी मदद से आपके वेब ब्राउजर (जैसे क्रोम, सफारी या मोजिला) को यह पता चलता है कि जिस वेबसाइट पर आप गए हैं, वह असली है या कोई फर्जी।

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हाल ही में सुरक्षा शोधकर्ताओं ने खुलासा किया कि ई-मुद्रा की ओर जारी किए गए आठ इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट्स की प्राइवेट क्रिप्टोग्राफिक चाबियां बेहद कमजोर थीं। इन्हें इस तरह तैयार किया गया था कि कोई भी शातिर हैकर्स इन्हें पलक झपकते क्रैक कर सकता था।

इससे कितना बड़ा खतरा टला?
यदि ग्लोबल टेक कंपनियां तुरंत एक्शन न लेतीं, तो इन कमजोर चाबियों का फायदा उठाकर हैकर्स फर्जी सुरक्षा सर्टिफिकेट बना सकते थे। इसकी मदद से हमलावर किसी बैंक या ई-कॉमर्स वेबसाइट की हूबहू नकल करके यूजर्स का संवेदनशील डेटा चुरा सकते थे या इंटरनेट ट्रैफिक पर नजर रख सकते थे।
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हालांकि, राहत की बात यह है कि गुगल, एपल, मोजिला और क्लाउडफ्लाई जैसे टेक दिग्गजों ने तुरंत अपनी तरफ से ब्राउज़र अपडेट्स जारी कर इन प्रभावित सर्टिफिकेट्स को ब्लॉक कर दिया। अब तक किसी बड़े डेटा उल्लंघन या फ्रॉड की पुष्टि नहीं हुई है।

आप पर इसका क्या असर और क्या सावधानी बरतेंः ई-मुद्रा की भारत में चलने वाली मुख्य डिजिटल-सिग्नेचर और ई-साइन सेवाएं पूरी तरह सुरक्षित और अप्रभावित हैं। भारतीय साइबर एजेंसी CERT-In और कंपनी ने भी इसकी पुष्टि की है।

निवेशकों को क्यों लगा झटका?

  • इस खबर के सामने आते ही ईमुद्रा के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली और महज दो सत्रों में शेयर करीब 40 फीसदी तक लुढ़क गए।
  • बढ़ते विवाद, लागत और सीमित संभावनाओं का हवाला देते हुए कंपनी ने अपने वैश्विक वेबसाइट सिक्योरिटी सर्टिफिकेट कारोबार से पूरी तरह बाहर निकलने की घोषणा की है।
  • कंपनी ने यह भी माना है कि इस घटना से उसकी साख पर जो असर पड़ा है, उसे अभी आंका नहीं जा सकता।

यूजर्स क्या करें
आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन उनके लिए सुझाव है कि वे अपने स्मार्टफोन, कंप्यूटर और वेब ब्राउजर को हमेशा लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट रखें। यदि कोई ब्राउजर किसी वेबसाइट के सर्टिफिकेट पर सुरक्षा चेतावनी दे, तो उस पर आगे न बढ़ें।

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डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे निवेश या साइबर सुरक्षा संबंधी पेशेवर सलाह न माना जाए।

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