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Emergency Fund: संकट के समय कितनी बचत है जरूरी, जानिए पैसा कहां रखना रहेगा सबसे सुरक्षित

Mon, 15 Jun 2026 04:29 AM IST
शिवम गर्ग बोनस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बीमारी, नौकरी छूटने या अचानक आने वाले बड़े खर्च से निपटने के लिए इमरजेंसी फंड बेहद जरूरी है। जानिए आपकी आय और जिम्मेदारियों के अनुसार कितना इमरजेंसी फंड होना चाहिए और इसे कहां रखना सबसे सुरक्षित रहेगा।

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इमरजेंसी फंड - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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जीवन में खुशियां बिना बताए आ सकती हैं, लेकिन मुसीबतें हमेशा अचानक और बिना दस्तक दिए ही आती हैं। बीमारी, अचानक नौकरी छूटना या कोई बड़ा अप्रत्याशित खर्च, ऐसी स्थितियां हैं, जो किसी भी हंसते-खेलते परिवार के घरेलू बजट को पल भर में तहस-नहस कर सकती हैं। ऐसे ही कठिन समय में जो पैसा आपकी रक्षा करता है, उसे वित्तीय भाषा में इमरजेंसी फंड कहते हैं।

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आंकड़े बताते हैं कि देश में कर्ज लेने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है और घरेलू देनदारियां रिकॉर्ड स्तर पर हैं। ऐसे दौर में हर समझदार व्यक्ति के पास एक इमरजेंसी फंड होना अनिवार्य है, ताकि संकट के समय किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े और न ही भारी ब्याज पर कर्ज का बोझ उठाना पड़े।

कैसे तय करें इमरजेंसी फंड की मात्रा?  
एक ही आकार का जूता सबके पैरों में फिट नहीं बैठता, यही नियम इस फंड पर भी लागू होता है। अपनी नौकरी की स्थिरता, वैवाहिक स्थिति और जिम्मेदारियों के आधार पर तय करें कि आपको कितने महीनों का खर्च बचाकर रखना है।
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स्थिर नौकरी और अकेले युवा
यदि आपकी नौकरी पूरी तरह सुरक्षित है और आप पर कोई निर्भर नहीं है, तो आपके लिए 3 महीने का आवश्यक खर्च बचाकर रखना पर्याप्त है।

विवाहित और मानक स्थिति: यदि आप शादीशुदा हैं, तो कम से कम 6 से 9 महीने के खर्च का बैकअप अपने पास रखें ताकि किसी भी उतार-चढ़ाव में परिवार सुरक्षित रहे।

बच्चे, भारी कर्ज या अनिश्चित आय
यदि आपके बच्चे हैं, आप पर होम लोन की किस्त का बोझ है, या आपकी आय निश्चित नहीं है, तो आपको 12 महीने का खर्च सुरक्षित रखना चाहिए।

कहां रखें यह पैसा?
इमरजेंसी फंड का मकसद मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि जरूरत के समय तुरंत उपलब्ध होना है।  इसलिए इस पैसे को ऐसी जगह रखें जहां जोखिम शून्य हो और आप इसे पलक झपकते ही निकाल सकें। पूरे पैसे को एक ही जगह रखने के बजाय इन तीन विकल्पों के मिश्रण में बांटें-

  • बचत खाता : अपने कुल फंड का लगभग 1 से 2 महीने का खर्च हमेशा अपने साधारण बचत खाते में रखें, जिसे आप रात के 12 बजे भी एटीएम या यूपीआई के जरिये निकाल सकें।
  • स्वीप-इन एफडी : यह एक बेहतरीन जरिया है। इसमें आपको साधारण खाते से ज्यादा ब्याज मिलता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर यह पैसा बिना किसी जुर्माने के तुरंत आपके बचत खाते में आ जाता है।
  • लिक्विड फंड्स : अपने फंड का बाकी हिस्सा आप लिक्विड म्यूचुअल फंड में डाल सकते हैं, जहां जोखिम बहुत कम होता है और जरूरत पड़ने पर एक-दो दिन के भीतर पैसा आपके हाथ में आ जाता है।
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