दुनिया के कई बड़े बाजारों में भारतीय उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों (अप्रैल-अगस्त) में चीन, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे चार मुख्य ब्रिक्स देशों को भारत का निर्यात 34 फीसदी बढ़कर 19.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया। एक साल पहले इसी अवधि में यह 14.9 अरब डॉलर था।
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, भारत के कुल निर्यात में इन चार देशों की हिस्सेदारी भी बढ़ी है। अप्रैल-अगस्त 2025-26 में जहां इन देशों का हिस्सा 8.1 प्रतिशत था, वहीं इस साल यह बढ़कर 9.2 प्रतिशत हो गया है। इस अवधि के दौरान सभी ब्रिक्स देशों को भारत का निर्यात सालाना आधार पर 13% बढ़कर 34.5 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 30.5 अरब डॉलर था।अप्रैल-अगस्त 2026 के दौरान भारत का कुल माल निर्यात 215.91 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 17.85 फीसदी अधिक है।
कुल निर्यात का एक तिहाई हिस्सा चीन को
ब्रिक्स देशों में चीन भारतीय निर्यात के लिए सबसे बड़ा बाजार बनकर उभरा है। अप्रैल-अगस्त 2026-27 के दौरान चीन को भारत का निर्यात 39 प्रतिशत बढ़कर 9.6 अरब डॉलर पहुंच गया। यानी ब्रिक्स देशों को होने वाले कुल निर्यात का लगभग एक तिहाई से अधिक हिस्सा अकेले चीन को गया।
कारोबार बढ़ाने की नीतियों से बनी बात
अंतरराष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञ राहुल पद्मनाभन के मुताबिक, यह तेजी ऐसे समय में आई है जब ब्रिक्स देश आसान मार्केट पहुंच, मजबूत आपूर्ति शृंखला, डिजिटल ट्रेड और लोकल करेंसी के ज्यादा इस्तेमाल के जरिये आर्थिक एकीकरण को गहरा करने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले हफ्ते नई दिल्ली में हुए 18वें ब्रिक्स समिट में इन कोशिशों को गति मिली। इन उपायों में व्यापार को आसान बनाना, कस्टम्स सहयोग, ग्लोबल वैल्यू चेन, एमएसएमआई, कृषि व्यापार और बॉर्डर-पार भुगतान शामिल हैं।
कहां-कितना बढ़ा भारत का निर्यात
| देश |
वृद्धि |
| द. अफ्रीका |
58% |
| जापान |
43% |
| चीन |
39% |
| इटली |
30% |
| द. कोरिया |
22% |
| ब्राजील |
13% |
| रूस |
11% |
किन सामान की बढ़ी मांग
खनिज ईंधन और पेट्रोलियम उत्पाद n इलेक्ट्रॉनिक्स सामान n एल्युमीनियम उत्पाद n लोहा और इस्पात n रसायन
जापान और यूरोप में भी बढ़ी मांग
भारतीय उत्पादों की मांग केवल ब्रिक्स देशों तक सीमित नहीं रही। जापान को निर्यात 43 फीसदी बढ़कर 3.43 अरब डॉलर पहुंच गया। इसमें पेट्रोलियम उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स और एल्युमीनियम की अहम भूमिका रही। दक्षिण अफ्रीका में भारतीय उत्पादों की मांग सबसे तेजी से बढ़ी और निर्यात 58 फीसदी ढ़कर 4.82 अरब डॉलर हो गया। ब्राजील और रूस को होने वाले निर्यात में भी 13% और 11% की दो-अंकों वाली बढ़ोतरी दर्ज की गई। ब्राजील को शिपमेंट 3.46 अरब डॉलर का था, जबकि रूस को 2.04 अरब डॉलर का रहा।
- इटली को निर्यात 30 फीसदी बढ़कर 3.92 अरब डॉलर और दक्षिण कोरिया को निर्यात 22 फीसदी बढ़कर 3.21 अरब डॉलर हो गया। दक्षिण कोरिया को खनिज उत्पाद, ईंधन, इलेक्ट्रॉनिक्स, एल्युमीनियम, लोहा-इस्पात और रसायनों के निर्यात में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई।